इंफाल , मार्च 18 -- मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को 'स्टेट फोकस पेपर' 2026-27 जारी किया। इस वर्ष की थीम 'क्रेडिट-लेड डेवलपमेंट इन मणिपुर' रखी गई है, जिसे राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि "शांति, स्थिरता और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। बिना विकास के स्थायी शांति संभव नहीं है।" उन्होंने समावेशी विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि यही स्थिरता की नींव है।
यह दस्तावेज स्टेट क्रेडिट सेमिनार 2026 के दौरान जारी किया गया, जिसका आयोजन कृषि और ग्रामीण विकास के लिए राष्ट्रीय बैंक (नाबार्ड) के मणिपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चुराचांदपुर जिले में जनजातीय प्रोजेक्ट का वर्चुअल उद्घाटन भी किया।
मुख्यमंत्री ने वित्तीय समावेशन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर विकास के लिए संस्थागत ऋण बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, " ऋण सिर्फ एक वित्तीय साधन नहीं, बल्कि विकास को गति देने वाला एक शक्तिशाली माध्यम है।"उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नाबार्ड द्वारा किए गए क्रेडिट अनुमान राज्य में विकास के अंतर को कम करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थागत ऋण (क्रेडिट) जमीनी स्तर पर विकास का अहम माध्यम है। उन्होंने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ ), ग्रामीण स्टार्टअप, कृषि उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजीएस) को समर्थन देने की अपील की।
मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने बताया कि 2026-27 के लिए करीब 3500 करोड़ रुपये की क्रेडिट क्षमता का अनुमान लगाया गया है। जिसमें 51 प्रतिशत कृषि और संबंधित गतिविधियों के लिए, 37 प्रतिशत एमएसएमई सेक्टर के लिए और 12 प्रतिशत अन्य प्राथमिक क्षेत्रों के लिए है। उन्होंने कहा कि कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन छोटे जोत और जलवायु जोखिम जैसी चुनौतियों के कारण विविधीकरण और मूल्य संवर्धन जरूरी है। इसमें पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी और पोल्ट्री जैसे क्षेत्रों को रोजगार और आय बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
नाबार्ड के मणिपुर क्षेत्रीय कार्यालय में महाप्रबंधक एवं प्रभारी अधिकारी पार्था मंडल ने स्टेट फोकस पेपर को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए एक व्यापक योजना और ऋण निगरानी दस्तावेज बताया है। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज राज्य के सभी 16 जिलों के क्षमता से जुड़ी योजनाओंं के आधार पर तैयार किया गया है, जिससे विकास की संभावनाओं को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
पार्था मंडल ने चुराचांदपुर में शुरू की गई जनजातीय विकास परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह परियोजना नाबार्ड की ओर से 1.6 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता से संचालित की जा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य पहाड़ी जिलों में आजीविका को मजबूत करना और समुदाय के समग्र विकास को बढ़ावा देना है।
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