इंफाल , अप्रैल 21 -- मणिपुर में बच्चों और आम लोगों की हत्या की दो अलग-अलग घटनाओं के विरोध में राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किये गये हैं।

प्राप्त रिपोर्टों के मुताबिक सात अप्रैल को बिष्णुपुर जिले के त्रोंग्लाओबी में दो बच्चों की हत्या कर दी गयी थी, जबकि 18 अप्रैल को उखरुल जिले में दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। इन घटनाओं के बाद राज्य भर में सिलसिलेवार हड़ताल, सड़क जाम, धरना-प्रदर्शन और सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई हैं।

मणिपुर के नागरिक संगठनों, महिला संगठनों और नगा संगठनों ने संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर इन प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद ने कहा कि सरकार इन हत्याओं के खिलाफ बनी 'संयुक्त कार्रवाई समिति' (जेएसी) की अधिकतर मांगों को मानने के लिए तैयार है। गृह मंत्री के. गोविंदस ने भी बताया कि इन मामलों की जांच एनआईए को सौंप दी गयी है।

स्थिति नियंत्रित करने के लिए सरकार ने पिछले सात अप्रैल से पांच जिलों-इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थोबल, बिष्णुपुर और काकचिंग में कर्फ्यू लगा रखा है।

थोबल जिले के वांगजिंग में एक कार्यालय, जिसका उद्घाटन आज मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद को करना था, पर भी बीती रात हमला किया गया। पुलिस के अनुसार, इस झड़प में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया है।

इन आंदोलनों के मद्देनजर राज्य में व्यावसायिक प्रतिष्ठान और शैक्षणिक संस्थान बंद रहे।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक बताया कि अफवाह फैलाने के आरोप में दो व्यक्तियों और आगजनी में शामिल 40 से अधिक लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है।

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