इंफाल , अक्टूबर 23 -- मणिपुर के थौबल जिले में एक युवक की हत्या के बाद आधी रात से 48 घंटे का नया बंद शुरू हो गया।
गत 18 अक्टूबर को थौबल जिले में एक मैतेई युवक की हत्या कर दी गयी थी, जबकि अगले दिन कांगपोकपी जिले में पेड़ काट रहे तीन मैतेई युवकों की कुकी उग्रवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
यह बंद कांगपोकपी जिले में तीन मैतेई युवकों की हत्या के विरोध में हुए तीन दिवसीय बंद के तुरंत बाद शुरू हुआ है। इससे राज्य में बढ़ती अशांति का पता चलता है। पुलिस ने हत्याओं के सिलसिले में संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और सुरक्षा अभियान तेज कर दिये हैं। समुदायों के बीच बढ़ते तनाव के कारण दुकानें और शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। दोनों घटनाओं में अलग-अलग समुदायों के लोग शामिल होने के मद्देनजर मणिपुर सरकार ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं।
थौबल जिला पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि जिले के एक पड़ोसी गांव के लोगों की गोलीबारी में मैतेई युवक की हत्या के मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
थौबल जिला पुलिस की टीमों ने शुक्रवार को खंगाबोक-संगाइयुम्फम के आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने एक डबल बैरल ब्रीच-लोडिंग (डीबीबीएल) बंदूक और 12 बोर की शॉटगन के 14 कारतूस बरामद किये जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जायेगा।
इससे पहले, थौबल अपराध जांच विभाग (सीडीओ) और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने 20 अक्टूबर को दो लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों की पहचान मोहम्मद खुर्शीद अहमद और मोहम्मद अब्दुल रहमान के रूप में की है। बंद के कारण बाजार और शैक्षणिक संस्थान बंद रहे।
अब तक विपक्षी गठबंधन 'इंडिया', नागरिक संगठनों तथा युवा और महिला संगठनों ने सरकार से कुकी उग्रवादियों के साथ अभियान निलंबन (एसओओ) समझौते को निलंबित करने की मांग की है। उनका कहना है कि मणिपुर की तलहटी में कुकी उग्रवादियों के करीब 14 शिविर खुले हैं। मई 2023 से उग्रवादियों द्वारा किसानों और ग्रामीणों पर हमले किये जाने की घटनाएं सामने आयी हैं। इन शिविरों में 2,200 से अधिक कुकी उग्रवादी मौजूद हैं।
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