इम्फाल , फरवरी 17 -- मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को कहा कि पिछले दशकों में भारत एक 'नौकरी मांगने वाले देश' से 'नौकरी पैदा करने वाले देश' के रूप में जबरदस्त बदलाव का गवाह बना है।
श्री सिंह इम्फाल में 'डिजी-सपने 2.0' पहल के उद्घाटन समारोह बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि 'नौकरी पैदा करने वाले देश' के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को ही 'डिजी-सपने 2.0' मणिपुर में जमीनी स्तर तक ले जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि मणिपुर को राज्य में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए 'राज्य स्टार्टअप इकोसिस्टम रैंकिंग' के पांचवें संस्करण में अग्रणी (लीडर) के रूप में मान्यता दी गई है। उन्होंने कहा कि यह मान्यता राज्य के अधिकारियों, संस्थानों, उद्यमियों और नीति निर्माताओं के समर्पित प्रयासों को दर्शाती है।
श्री सिंह ने जोर दिया कि मणिपुर सरकार स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 'डिजी-सपने 2.0' को आवश्यक सहायता प्रदान करके छात्रों और इच्छुक उद्यमियों की अवधारणाओं को बड़े व्यवसायों में बदलने के लिए डिजाइन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवाचार प्रयोग, दृढ़ता और निरंतर सीखने से पैदा होता है। उन्होंने युवाओं से बिना किसी असफलता के डर के साहसपूर्वक सोचने और आत्मविश्वास के साथ कार्य करने का आग्रह किया।
यह कार्यक्रम मणिपुर सरकार के योजना विभाग द्वारा आयोजित किया गया था। 'डिजी-सपने' एआईसी-एसएमयूटीबीआई की एक पहल है, जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा समर्थन प्राप्त है। इसका उद्देश्य पूरे उत्तर पूर्व क्षेत्र में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम का उद्देश्य चयनित स्टार्टअप्स को परामर्श, बाजार तक पहुंच, वित्त पोषण के अवसर और 80 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करना है। साथ ही स्टार्टअप्स को उनके विचारों को विस्तार देने, रोजगार पैदा करने और क्षेत्रीय विकास में योगदान देते हुए राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद करना है।
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