इंफाल , मई 03 -- मणिपुर सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (डीआईपीआर) ने ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन (एएमडब्ल्यूजेयू) और एडिटर्स गिल्ड मणिपुर (ईजीएम) के साथ मिलकर रविवार को यहां के डीआईपीआर सभागार में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 2026 मनाया।
ग्लोबल थीम "शेपिंग ए फ्यूचर ऑफ़ पीस" के तहत मनाए गए इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार , संपादक और सरकारी अधिकारी प्रेस स्वतंत्रता की स्थिति और समाज में मीडिया की ज़िम्मेदारी पर बात करने के लिए एक साथ आए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डीआईपीआर के निदेशक डॉ. चरणजीत सिंह ने की। उन्होंने दुनिया भर के उन पत्रकारों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने प्रेस स्वतंत्रता की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाई।
डॉ. सिंह ने प्रेस स्वतंत्रता को लोकतंत्र की नींव बताया और कहा कि जब विधायिका और न्यायपालिका जनहित के कार्य करने में विफल होते हैं, तो मीडिया उन्हें जवाबदेह ठहराने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि प्रेस की आज़ादी की कोई सीमा नहीं है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 का ज़िक्र करते हुए कहा कि बोलने की आज़ादी के साथ कुछ ज़रूरी पाबंदियां हैं, और मीडिया से राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता, सार्वजनिक व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव के बारे में ज़िम्मेदारी से रिपोर्ट करने की अपील की।
एडिटर्स गिल्ड मणिपुर के अध्यक्ष खोजेंद्र खोमद्रम ने ज़िम्मेदार पत्रकारिता की बात दोहराई और ज़ोर दिया कि प्रेस का सबसे पहला फ़र्ज़ सच्ची और सही खबरें देना है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि संपादकों की अहम भूमिका यह तय करना है कि कौन सी जानकारी प्रकाशन से पहले लोगों के हित में है।
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