इंफाल , मई 14 -- मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने गुरुवार को आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) को आश्वासन दिया कि उन्हें जल्द ही उनके मूल स्थानों पर फिर से बसाया जाएगा।
श्री सिंह ने इंफाल पश्चिम जिले के तलहटी में स्थित गांव कांगचुप चिंगखोंग का दौरा किया और वहां रह रहे विस्थापितों से बातचीत की। उन्होंने विस्थापितों को उनके घरों में सुरक्षित वापसी का भरोसा दिया और कहा कि क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षाकर्मियों के ठहरने के लिए जल्द ही इलाके में एक पक्के आवास का निर्माण किया जाएगा।
श्री सिंह ने विस्थापितों से बातचीत के दौरान जानकारी दी कि अंतर-ग्राम सड़क (आईवीआर) को मजबूत करने के लिए 1.2 करोड़ रुपये और जलापूर्ति योजना के निर्माण के लिए 1.94 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा गांव में एक उपयुक्त स्थान पर मार्केट शेड का भी निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न समुदायों के बीच पैदा हुए अविश्वास को बातचीत के माध्यम से दूर किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए जिरिबाम जिले का उदाहरण दिया, जहां अब सभी समुदाय सद्भाव से रह रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हिंसा के दौरान नष्ट हुए घरों के निर्माण के लिए दी जाने वाली मौद्रिक सहायता को बढ़ाने की विस्थापितों की मांग पर विचार करेगी।
इसके बाद, मुख्यमंत्री ने इंफाल कॉलेज में 'मुख्यमंत्री कॉलेज छात्र पुनर्वास योजना' (सीएमसीएसआरएस) के तहत 754 विस्थापित कॉलेज छात्रों को डीबीटी के माध्यम से 10-10 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि वितरित की। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने घरों और जन्मस्थान पर लौटने में असमर्थ हैं, वे मानवता के सबसे कष्टप्रद दौर से गुजर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सभी विस्थापितों के पुनर्वास का प्रयास कर रही है और कौशल विकास प्रशिक्षण पूरा होने पर इन छात्रों के लिए रोजगार के अवसरों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने शिक्षकों और छात्रों से समुदायों के बीच अविश्वास को खत्म करने की जिम्मेदारी उठाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने बाद में क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), लाम्फेल और शिजा अस्पताल का दौरा किया। वहां उन्होंने उख्रुल, नोनी और कांगपोकपी जिलों में हाल ही में सशस्त्र उपद्रवियों द्वारा किए गए हमलों में घायल हुए नगा और थाडो समुदायों के नागरिकों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार इन सभी घायल नागरिकों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी। इसके बाद उन्होंने इंफाल पश्चिम के उपायुक्त (डीसी) कार्यालय में नवनिर्मित सार्वजनिक स्वागत ब्लॉक और वीआईपी प्रतीक्षा कक्ष का उद्घाटन भी किया।
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