उखरुल (मणिपुर) , अप्रैल 19 -- मणिपुर के उखरुल जिले में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के हमले में एक सेवानिवृत्त सैन्य कर्मी सहित दो लोगों की मौत की वजह से जिले का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। इंफाल-उखरुल रोड पर संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के हमले में शनिवार को दोनों की मौत हो गयी थी।

दो समुदायों के बीच झड़पों के बाद से ही जिला में तनाव पसरा हुआ है। मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद ने 17 अप्रैल को जिले का दौरा किया था और दोनों समुदायों से मुलाकात कर शांति की अपील की थी।

इंफाल-उखरुल को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग नेशनल हाईवे 202 का नगा समुदाय उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि राजमार्ग के किनारे कुछ ऐसे गांव हैं, जो दूसरे समुदाय के नियंत्रण में हैं। सुरक्षा बल इंफाल से उखरुल जाने वाले वाहनों को लिटान तक सुरक्षा प्रदान करते हैं। यह वह क्षेत्र है, जहां कुछ कुकी ग्रामीण रहते हैं।

लिटान के बाद नगा गांव आते हैं, जिन्हें नगा और मैतेई समुदायों के लिए सुरक्षित माना जाता है, हालांकि संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने वाहनों पर गोलीबारी की, जिसमें दो लोगों की जान चली गयी।

विभिन्न संगठनों ने तशर गांव के पूर्व भारतीय सैनिक चिनाओशांग शोकवुंगनाओ और खरासोम सीवी गाँव के यारुनगम वाशुम की हत्या पर चर्चा के लिए एक बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। सेवानिवृत्त सैन्य कर्मी इंफाल के एक अस्पताल में उपचाराधीन अपने पिता की देखभाल करने के बाद घर लौट रहे थे।

मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने इस हमले को 'जघन्य और कायरतापूर्ण' बताया और कहा कि मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया है।

उपमुख्यमंत्री लोसी दिखो ने रविवार को कहा कि वे उखरुल जिले के टीएम कासोम गांव में कल दो निर्दोष नागरिकों की बर्बर हत्या और कई अन्य लोगों के गंभीर रूप से घायल होने से आक्रोश में हैं। उन्होंने इस जघन्य कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की।

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