इंफाल , सितंबर 09 -- प्रसिद्ध मणिपुरी गिटारवादक एवं संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार को इंफाल लाया गया।

चोंगथम विक्रम सिंह की नयी दिल्ली में कथित तौर पर लोगों के एक समूह द्वारा मारपीट किए जाने के कारण मौत हो गई थी। उनके परिवार, दोस्तों और संगीत जगत से जुड़े लोगों ने उनकी मौत की त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

चोंगथम विक्रम सिंह का पार्थिव शरीर इंफाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा, जहां परिजनों, शुभचिंतकों और साथी संगीतकारों ने गमगीन माहौल में उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर को थांगमेइबंद स्थित उनके पैतृक घर ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार से पहले लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की।

उन पर कथित तौर पर 06 सितंबर की देर रात दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोखड़ी इलाके में उनके घर के बाहर जानलेवा हमला किया गया था।

खबरों के मुताबिक चोंगथम विक्रम सिंह अपने घर के पास कथित तौर पर हंगामा कर रहे और शराब पी रहे लोगों के एक समूह को ऐसा करने से रोकने के लिए नीचे गये थे। बताया जाता है कि इस दौरान विवाद बढ़ गया और कथित तौर पर समूह के लोगों ने उनका पीछा कर उनके साथ मारपीट की।

जांचकर्ताओं द्वारा देखे गए सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर आरोपियों को इमारत से बाहर जाते हुए देखा गया है। इसके कुछ मिनट बाद उनके परिवार के सदस्य उन्हें इलाज के लिए बाहर ले जाते दिखाई देते हैं।

उन्हें ओखला स्थित होली फैमिली अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में हमले में लगी चोटों के कारण उनकी मौत हो गयी।

प्रसिद्ध गायिका और चोंगथम विक्रम सिंह की मां चोंगथम कमला के लिए यह त्रासदी उनके पुत्र के साथ परिवार की आखिरी बातचीत की यादों के कारण और भी पीड़ादायक हो गयी है।

भावुक होते हुए उन्होंने बेटे की आखिरी फोन बातचीत को याद किया। उन्होंने बताया कि इस बातचीत में चोंगथम विक्रम सिंह अपने बेटे की पढ़ाई में मिली सफलता को लेकर काफी खुश था। उन्होंने गर्व से बताया था कि उसके बेटे ने सेमेस्टर की परीक्षा में विशेष योग्यता के साथ सफलता हासिल की है। इस तरह अपनी मां के साथ हुई उनकी आखिरी बातचीत अब परिवार के लिए बेहद अनमोल याद बन गयी है।

हालांकि, चोंगथम विक्रम सिंह ने अपने बेटे से जो आखिरी बात कही थी, वह इससे बिल्कुल अलग थी। बताया जाता है कि अपनी हालत बिगड़ने से कुछ समय पहले उन्होंने बेटे से कहा था कि उन्हें चक्कर आ रहा है और मितली हो रही है। अब परिवार के सामने सामान्य पारिवारिक पलों की उन यादों के बीच तालमेल बैठाने की चुनौती है।

चोंगथम विक्रम सिंह की पत्नी ने भी न्याय की अपील की है। उन्होंने कहा कि परिवार बदला नहीं, बल्कि जवाबदेही चाहता है। उन्होंने सिंह को शांतिप्रिय व्यक्ति बताते हुए कहा कि वह शांत जीवन जीते थे। उन्होंने कहा कि अपने पति और अपने बेटे के पिता को खोने के दुख को स्वीकार करना उनके लिए बेहद मुश्किल हो रहा है।

चोंगथम विक्रम सिंह के परिवार ने अधिकारियों से अपील की है कि हमले से जुड़ी पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जाए और इसके लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सिंह के छोटे भाई चोंगथम विवेक सिंह ने इंफाल हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा कि परिवार की सबसे बड़ी मांग न्याय है। उन्होंने केंद्र सरकार से यह भी अपील की कि राष्ट्रीय राजधानी में रहने वाले पूर्वोत्तर के लोगों को समान व्यवहार और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

परिवार की यह मांग उन खबरों के बीच सामने आई है, जिनमें कहा गया है कि घटना के समय वहां मौजूद सिंह के बेटे याइफाबा ने पुलिस को बताया कि कथित हमलावरों में से कुछ लोगों ने उनके पिता को पहले भी धमकी दी थी। यह धमकी तब दी गई थी, जब सिंह ने उन्हें अपने घर के बाहर शराब पीने से रोका था। यह आरोप अब मामले की जांच का हिस्सा है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।

जांच में घटनाओं का सही क्रम और हर आरोपी की कथित भूमिका का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज और दूसरे सबूतों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि हमला नस्लीय भेदभाव की वजह से हुआ था, हालांकि इस हत्या ने दिल्ली में पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले व्यवहार को लेकर वहां के समुदायों में चिंता पैदा कर दी है।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर निष्पक्ष, पारदर्शी और तय समय-सीमा के भीतर उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है। मणिपुर सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में रहने, पढ़ने और काम करने वाले पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।

लोकसभा में राहुल गांधी समेत कांग्रेस अन्य नेताओं ने भी दिल्ली में पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए जल्द जांच और न्याय की मांग की है। साथ ही, पूर्वोत्तर के संगठनों ने जांच करने वालों से सभी उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयानों और दूसरे सबूतों की जांच करने और यह पता लगाने को कहा है कि क्या हमले में पूर्वाग्रह या भेदभाव की कोई भूमिका थी। उनकी मौत के हालात के अलावा, विक्रम को वेस्टर्न म्यूज़िक और रॉक सीन में उनके योगदान के लिए भी याद किया जा रहा है। वह मणिपुर में रॉक म्यूज़िक के शुरुआती दौर में एक गिटारिस्ट के तौर पर उभरे और फीनिक्स और ईस्टर्न डार्क जैसे बैंड से जुड़े रहे।

बाद में वह दिल्ली चले गए, जहां उन्होंने लगभग दो दशक तक म्यूज़िक सिखाया, युवा म्यूज़िशियन्स को गाइड किया और अपना म्यूज़िकल काम जारी रखा। रिपोर्ट्स में 'रॉक'एन'रूट्स' प्रोजेक्ट के साथ उनके जुड़ाव का भी ज़िक्र है, जिसके ज़रिए उन्होंने राजस्थानी लोक गायक मामे खान के साथ काम किया था।

चोंगथम विक्रम सिंह ऐसे परिवार से थे जो संगीत से गहराई से जुड़ा है। उनकी मां चोंगथम कमला एक मशहूर मणिपुरी गायिका हैं जिन्हें "मणिपुर की लता मंगेशकर" के नाम से भी जाना जाता है।

चोंगथम विक्रम सिंह ने खुद कम उम्र में ही अपना संगीत सफ़र शुरू किया था और बताया जाता है कि उन्हें ऑल इंडिया रेडियो, इम्फाल में बाल कलाकार के तौर पर मंज़ूरी मिली थी, जहां उन्होंने अकॉर्डियन बजाया था और बाद में इलेक्ट्रिक गिटार पर अपने काम के लिए पहचाने गए।

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