भिण्ड , जुलाई 28 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड शहर में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में चलाए गए विशेष वाहन जांच अभियान के दौरान स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा संबंधी गंभीर खामियां सामने आईं। नियमों के उल्लंघन पर स्कूल बसों सहित 40 से अधिक वाहनों के चालान किए गए।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सिटी कोतवाली के सामने इंदिरा गांधी चौराहे पर करीब दो घंटे तक चले अभियान में 10 स्कूल बसों की जांच की गई। अधिकांश बसों में पैनिक बटन बंद पाए गए। कई बसों में स्पीड गवर्नर तथा महिला अटेंडर नहीं थीं। इसके अलावा फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का भी अभाव मिला। इन अनियमितताओं पर संबंधित बस संचालकों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई।

अभियान के दौरान पहले चार पहिया वाहनों की जांच कर पंजीयन, बीमा, सीट बेल्ट, प्रदूषण प्रमाणपत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। नियमों का उल्लंघन करने वाले 17 चार पहिया वाहनों के चालान काटे गए। इसके बाद दोपहिया वाहनों की जांच में बिना हेलमेट, बिना बीमा और बिना वैध दस्तावेज वाहन चलाने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। कुल मिलाकर 40 से अधिक वाहनों के चालान बनाए गए। इसके बाद जांच अभियान बायपास स्थित भिण्ड देहात थाना क्षेत्र में भी जारी रहा।

जांच के दौरान बिजली कंपनी, राजस्व विभाग, जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों के वाहनों की भी जांच की गई। कुछ लोगों ने वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बात कराने का प्रयास किया, लेकिन मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियम सभी के लिए समान हैं। दस्तावेज अधूरे मिलने पर किसी को भी राहत नहीं दी गई।

अभियान के दौरान एक रोचक मामला भी सामने आया। नई नवेली दुल्हन को लेकर कालका देवी मंदिर दर्शन के लिए जा रहे एक दूल्हे की कार भी जांच के लिए रोकी गई। आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं मिलने पर उसका भी चालान किया गया। कार्रवाई पूरी होने तक दुल्हन को लगभग एक घंटे तक कार में इंतजार करना पड़ा।

अधिकारियों ने वाहन चालकों से भविष्य में सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखने तथा यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

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