चंडीगढ़ , अप्रैल 30 -- पंजाब के श्रम मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने मजदूर दिवस की पूर्व संध्या पर राज्य के सभी श्रमिकों को शुभकामनाएं दीं और उनके कल्याण, सम्मान, सामाजिक-आर्थिक उन्नति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
श्री सौंद ने एक मई को मजदूर दिवस के अवसर पर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने को एक ऐतिहासिक और श्रमिक हितैषी पहल बताया। उन्होंने बताया कि पंजाब भवन निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की जा रही हैं। इनमें छात्रवृत्ति, शगुन, एक्स-ग्रेशिया सहायता, पेंशन, मातृत्व लाभ, चिकित्सा सहायता, व्यावसायिक बीमारियों में मदद, अंतिम संस्कार सहायता, कौशल उन्नयन, व्यावसायिक शिक्षा तथा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान आर्थिक सहायता शामिल है। इसके अलावा सरकारी योजनाओं के तहत श्रमिकों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा भी दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि उनकी सरकार के कार्यकाल के दौरान बीओसीडब्ल्यू बोर्ड के तहत 1,70,958 निर्माण श्रमिकों को 316 करोड़ रुपये के लाभ वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जो निर्माण श्रमिक एक वर्ष में 90 दिन काम कर चुके हैं, वे सेवा केंद्रों या 'पंजाब किर्ती सहायक' मोबाइल ऐप के जरिए पंजीकरण कर इन योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।
औद्योगिक श्रमिकों के लिए पंजाब मजदूर कल्याण बोर्ड द्वारा छात्रवृत्ति, एक्स-ग्रेशिया, दिव्यांगता मुआवजा, मातृत्व लाभ, चिकित्सा सहायता और परिवार के लिए वित्तीय सहयोग जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इस बोर्ड के तहत 21,243 लाभार्थियों को 51.49 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, जैसे गिग वर्कर्स, रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार, छोटे दुकानदार और प्रवासी मजदूर के लिए मंत्री ने अपील की कि वे कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लें, खासकर मृत्यु या दिव्यांगता के मामलों में।
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