चंडीगढ़ , अप्रैल 29 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने बुधवार को कहा है कि यदि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान वास्तव में गंभीर हैं, तो एक मई को होने वाले विशेष विधानसभा सत्र के दौरान राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) की किस्तों और पूरे बकाया का भुगतान करने की पुख्ता घोषणा करें। श्री जाखड़ ने कहा कि जिस सरकार ने मनरेगा के तहत मजदूरों को 100 दिनों के बजाय केवल 29 दिन का रोजगार दिया, उसे मजदूरों की बात करने का क्या अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सत्र के जरिए विश्वास प्रस्ताव लाकर सरकार छह महीने का समय लेना चाहती है, क्योंकि एक बार यह प्रस्ताव पास हो जाने के बाद छह महीने तक अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता।

इस संबंध में सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को संबोधित संदेश में श्री जाखड़ ने लिखा, "भगवंत मान जी, एक मई को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना ही काफी नहीं है। यदि आप सचमुच गंभीर हैं, तो मजदूर दिवस की भावना और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार, पंजाब के कर्मचारियों के डीए की किस्तों और बकाया राशि के भुगतान के लिए 15,000 करोड़ रूपए की घोषणा करें, 30 जून तक भुगतान की गारंटी दें, और स्पष्ट रूप से कहें कि इस फैसले के खिलाफ कोई अपील दायर नहीं की जाएगी, अन्यथा यह आपकी पहले से ही बिखर रही पार्टी को बचाने के लिए केवल एक ड्रामा होगा।"प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार लगातार विशेष सत्रों के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नये-नये राजनीतिक ड्रामों के जरिए लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटका रही है। उन्होंने कहा कि मजदूर दिवस के दिन विशेष सत्र बुलाने का वास्तविक उद्देश्य पार्टी को एकजुट रखने की कोशिश मात्र है।

उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार अपनी प्रचार-प्रसार के लिए इस सत्र पर भारी खर्च करेगी, वहीं दूसरी ओर सरकारी कर्मचारी लंबे समय से डीए का इंतजार कर रहे हैं। राज्य में निर्माण श्रमिकों को उनके अधिकार समय पर नहीं मिल रहे हैं और खेत मजदूरों की स्थिति भी दयनीय है। उन्होंने कहा कि बेहतर होगा कि सरकार बिना देरी कर्मचारियों के बकाया का भुगतान करे।

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