मुरादाबाद , अगस्त 27 -- मुरादाबाद में पुलिस का मानवीय चेहरा उस समय सामने आया जब चोरी हुई साइकिल नहीं मिलने पर परेशान एक गरीब मजदूर की मदद के लिए एसपी सिटी कुंवर रणविजय सिंह ने अपनी जेब से नई साइकिल खरीदवा दी। करीब 12 हजार रुपये मासिक कमाने वाले अर्जुन सिंह के लिए साइकिल महज सवारी नहीं, बल्कि नौकरी और परिवार के भरण-पोषण का जरिया थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव से छुट्टी बिताकर हाल ही में काम पर लौटे अर्जुन सिंह की साइकिल सिविल लाइंस थाना क्षेत्र से चोरी हो गई थी। कई दिनों की मेहनत और पाई-पाई जोड़कर उसने करीब साढ़े पांच हजार रुपये की यह साइकिल खरीदी थी। साइकिल चोरी होने के बाद उसने आसपास के गलियों और मोहल्लों में तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

साइकिल नहीं मिलने पर अर्जुन सिविल लाइंस थाने पहुंचा, लेकिन वहां से भी निराशा हाथ लगी। इसके बाद वह एसपी सिटी के कार्यालय पहुंचा और अपनी परेशानी बताई। उसने बताया कि साइकिल नहीं होने से उसकी नौकरी छूट सकती है और परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। अपनी व्यथा बताते हुए उसकी आंखें भर आईं।

मजदूर की परेशानी सुनकर एसपी सिटी ने तत्काल थाना प्रभारी को चोरी हुई साइकिल तलाशने के निर्देश दिए। पुलिस ने काफी प्रयास किया, लेकिन साइकिल का पता नहीं चल सका। इसके बाद एसपी सिटी ने मामले को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए अपनी ओर से मदद करने का निर्णय लिया।

उन्होंने अपनी जेब से नकद धनराशि देकर पुलिस अधिकारियों को बाजार से नई साइकिल खरीदने के निर्देश दिए। इसके बाद सिविल लाइंस पुलिस ने अर्जुन को नई एटलस साइकिल और उसका बिल सौंप दिया। नई साइकिल मिलने पर अर्जुन के चेहरे पर खुशी और राहत साफ नजर आई। उसके लिए यह साइकिल दोबारा काम पर जाने और परिवार का भरण-पोषण करने का सहारा बन गई।

एसपी सिटी की इस पहल ने पुलिस के मानवीय पक्ष को भी सामने रखा। घटना ने यह संदेश दिया कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय असहाय लोगों की मदद करना भी मानवीय पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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