रांची , अप्रैल 29 -- झारखंड भाकपा-माले राज्य कमिटी की ओर से सचिव कॉमरेड मनोज भक्त ने अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (1 मई) के अवसर पर जारी बयान में कहा है कि इस वर्ष मई दिवस ऐसे समय में मनाया जा रहा है, जब केंद्र की मोदी सरकार नए लेबर कोड थोपकर देश के मजदूर वर्ग के ऐतिहासिक अधिकारों पर गंभीर हमला कर रही है।

ये नए श्रम कोड मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के बजाय कॉरपोरेट घरानों और मालिकों को मनमानी छूट देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आठ घंटे कार्यदिवस, उचित मजदूरी, ट्रेड यूनियन बनाने का अधिकार, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक सम्मान जैसे अधिकार लंबे संघर्षों, हड़तालों और शहादतों के बाद हासिल हुए थे। लेकिन आज ठेका मजदूरी, गिग इकॉनमी, असुरक्षित रोजगार और श्रम कानूनों के कमजोर होने से मजदूरों का जीवन और अधिक संकटग्रस्त हो गया है। मजदूरों से अधिक काम लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें न तो उचित वेतन मिल रहा है और न ही रोजगार की सुरक्षा।

श्री भक्त ने कहा कि अमेरिका-इज़राइल की युद्धोन्मादी नीतियों और वैश्विक आर्थिक संकट का असर भारत के मजदूरों पर भी गहरा पड़ा है। उद्योग-धंधों में उत्पादन घट रहा है, फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं और लाखों प्रवासी मजदूरों को फिर से पलायन और बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है। एनसीआर सहित देश के कई औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूर वेतन वृद्धि और रोजगार सुरक्षा को लेकर संघर्षरत हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है।

श्री भक्त ने कहा कि मजदूर आंदोलनों को "देश-विरोधी" बताकर कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और दमन लोकतंत्र पर हमला है। भाकपा(माले) इसका कड़ा विरोध करती है और मजदूरों के हर न्यायपूर्ण संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है।

मजदूरों, किसानों, छात्रों, युवाओं और महिला संगठनों से आह्वान किया गया है कि वे मजदूर विरोधी नीतियों, निजीकरण, बेरोजगारी और फासीवादी हमलों के खिलाफ साझा संघर्ष को मजबूत करें तथा लोकतंत्र, संविधान और श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों।

श्री भक्त ने कहा कि मई दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि संघर्ष, एकजुटता और प्रतिरोध का दिन है। 1886 के शिकागो हेयमार्केट शहीदों की विरासत आज भी हमें प्रेरित करती है कि मजदूर अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष ही एकमात्र रास्ता है।

भाकपा(माले) झारखंड राज्य कमेटी ने घोषणा की है कि 1 मई को राज्य के सभी जिलों, प्रखंडों और औद्योगिक क्षेत्रों में पार्टी मजदूर संगठनों और ट्रेड यूनियनों के साथ एकजुटता प्रकट करते हुए व्यापक रूप से मई दिवस मनाएगी। सभाएं, जुलूस, जनसंवाद और मजदूर अधिकारों के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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