भुवनेश्वर , अप्रैल 29 -- ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले की एक सतर्कता अदालत ने एक सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता (जेई) को एक कल्याणकारी योजना के तहत मजदूरों के लिए निर्धारित सरकारी धन के गबन के मामले में बुधवार को दो साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

दोषी अनूप कुमार दास को उनके कार्यकाल के दौरान रोजगार आश्वासन योजना (ईएएस) के तहत तालाब की खुदाई से संबंधित कार्य रिकॉर्ड में हेराफेरी कर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग करने का दोषी पाया गया। जांच से पता चला कि उन्होंने धन हड़पने के लिए मस्टर रोल पर लाभार्थियों के जाली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगाए थे।

सतर्कता विभाग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, सेवानिवृत्त हो चुके जेई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया गया था। उन पर तालाब खुदाई के कार्य को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने और मजदूरों के फर्जी हस्ताक्षर के जरिए सरकारी धन के गबन का आरोप था।

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