भरतपुर , सितम्बर 15 -- राजस्थान में धौलपुर में ऐतिहासिक तीर्थराज मचकुंड सरोवर पर मंगलवार को ऋषि पंचमी के अवसर पर संत समाज के शाही स्नान के साथ मचकुंड का प्रसिद्ध वार्षिक लक्खी मेला शुरू हो गया जो देव छठ तक तक चलेगा।
देव छठ के दिन सरोवर में मुख्य पर्व स्नान होगा। इस दौरान राजस्थान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्रद्धा और भक्ति के उमड़े सैलाब के बीच ऋषि पंचमी के अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं एवं साधु संतों ने मचकुंड में आस्था की डुबकी लगाई।
इसके बाद पूजा-अर्चना करके सुख-समृद्धि की कामना की और हुए सप्त ऋषियों की कथा सुनी। धार्मिक मान्यताओं के चलते तीर्थराज मचकुंड को सभी तीर्थों का भांजा कहा जाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षस कालयवन को मारने के लिए राजा मुचुकुंद की दिव्य शक्ति का इस्तेमाल किया था।
देव छठ पर नवविवाहित जोड़े शादी के दौरान पहनी जाने वाली मोहरियों और कलंगियों को मचकुंड सरोवर में विसर्जित करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस परंपरा से नए जोड़े सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हैं।
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