मऊ , जुलाई 10 -- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने पर्याप्त व्यवस्था की है।

जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि जिले में डीएपी खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और सहकारी समितियों को लगातार इसकी आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि उर्वरक की कालाबाजारी अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी की अनुमति के बाद जिले को 1,563 मीट्रिक टन डीएपी आवंटित की गई है। इसमें से 660 मीट्रिक टन खाद विभिन्न साधन सहकारी समितियों तक पहुंच चुकी है, जबकि शेष मात्रा भी लगातार भेजी जा रही है। सभी सहकारी समितियों और बिक्री केंद्रों पर उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी जोत के अनुरूप डीएपी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किसी भी किसान को खाद के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

सोम प्रकाश गुप्ता ने किसानों से डीएपी के साथ-साथ एनपीके उर्वरक के उपयोग की भी अपील की। उन्होंने बताया कि डीएपी में केवल नाइट्रोजन और फास्फोरस उपलब्ध होते हैं, जबकि एनपीके में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश के साथ कई ग्रेड में सल्फर भी मौजूद रहता है। इससे फसलों को संतुलित पोषण मिलता है और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिलती है।

उन्होंने बताया कि डीएपी की कीमत करीब 1,350 रुपये प्रति बोरी है, जबकि एनपीके की कीमत कुछ अधिक है, लेकिन अतिरिक्त पोषक तत्वों के कारण यह किसानों के लिए अधिक लाभकारी साबित हो सकती है।

जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उर्वरक की ओवररेटिंग अथवा कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि ऐसी किसी भी अनियमितता की सूचना तत्काल जिला कृषि विभाग को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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