भोपाल , अप्रैल 7 -- मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों के लिए कुल 16,720 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति मिलने की उम्मीद है।

बैठक में प्रशासनिक सुधार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भोपाल में वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की स्थापना को मंजूरी दी गई। यह संस्थान वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता और विभागीय कार्यकुशलता में सुधार लाने के लिए कार्मिकों को केंद्रीकृत और मानकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

कृषि क्षेत्र में किसानों को राहत देने के लिए चना एवं मसूर के उपार्जन हेतु आगामी तीन वर्षों में 3,174 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसके तहत प्राइस सपोर्ट स्कीम के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की व्यवस्था की जाएगी। वन क्षेत्रों के संरक्षण और पुनर्स्थापना के लिए वर्ष 2026 से 2031 तक 5,215 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इससे पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और हरित आवरण को बढ़ावा मिलेगा।

शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए आरटीई के तहत अशासकीय विद्यालयों को फीस प्रतिपूर्ति के लिए 3,039 करोड़ रुपये, पीएमश्री स्कूल योजना के विस्तार के लिए 940 करोड़ रुपये तथा कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों के लिए 693 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन निर्णयों से शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार होगा। सामाजिक न्याय की दिशा में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रगृह योजना में प्रतिमाह 10 हजार रुपये की सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है, जिससे उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

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