भोपाल , अप्रैल 22 -- मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भू-अर्जन पर मुआवजा बढ़ाकर बाजार दर का चार गुना करने का फैसला लिया गया है।

बैठक में 'मध्यप्रदेश भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम 2015' के तहत गुणन कारक (मल्टीफिकेशन फैक्टर) को 2.0 कर दिया गया है। इससे अब किसानों को अधिग्रहित भूमि के बदले पूर्व के मुकाबले दोगुना की बजाय चार गुना तक मुआवजा मिलेगा। नगरीय क्षेत्रों के लिए यह कारक यथावत रखा गया है।

सरकार का मानना है कि इस निर्णय से सड़क, सिंचाई, रेलवे, पुल और बांध जैसी अधोसंरचना परियोजनाओं में तेजी आएगी, साथ ही भूमि देने वाले किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। इस संबंध में मंत्री तुलसीराम सिलावट, राकेश सिंह और चेतन्य काश्यप की उप-समिति ने अनुशंसाएं दी थीं।

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क विकास सहित विभिन्न अधोसंरचना कार्यों के लिए लगभग 33 हजार 985 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की है।

उज्जैन जिले की इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ 14 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे 10 हजार 800 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा और 35 गांवों को लाभ मिलेगा। वहीं छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के पुनर्वास के लिए लगभग 969 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज स्वीकृत किया गया है, जिससे 628 गांवों को लाभ पहुंचेगा।

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़कों, पुलों और अन्य निर्माण कार्यों के लिए 25 हजार 164 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिसमें सड़क विकास निगम के माध्यम से सड़क निर्माण, ग्रामीण मार्गों के उन्नयन और वृहद पुलों के निर्माण कार्य शामिल हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग के तहत निःशुल्क साइकिल योजना और शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन के लिए 2 हजार 190 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के कक्षा 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा निवेश करते हुए 5 हजार 479 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत चिकित्सा महाविद्यालयों के उन्नयन, नई स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थापना और मंडला में नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण को मंजूरी दी गई है।

मंत्रि-परिषद ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में मरीजों के परिजनों के लिए आवासीय सुविधा विकसित करने की भी स्वीकृति दी है, जिससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को राहत मिलेगी। इसके अलावा छठवें राज्य वित्त आयोग के कार्यों के लिए 15 पदों के सृजन तथा "मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम" के संचालन के लिए लगभग 24 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई है।

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