भोपाल , मार्च 17 -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मध्यप्रदेश मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लोक निर्माण विभाग के तहत 4525 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई। बैठक में रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले गेहूं पर किसानों को 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का भी निर्णय लिया गया।

मंत्रिपरिषद ने उज्जैन में चिमनगंज मंडी से इंदौर गेट तक 4-लेन तथा निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 945 करोड़ 20 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की।

इसके साथ ही रीवा जिले की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई, जिससे जवा और त्योंथर तहसील के 37 गांवों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। मंत्रिपरिषद ने पशुपालन विभाग का नाम बदलकर गौपालन एवं पशुपालन विभाग किए जाने को भी मंजूरी दी है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि उपार्जित गेहूं में से भारत सरकार द्वारा स्वीकार न की जाने वाली अतिरिक्त मात्रा का निस्तारण मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन द्वारा किया जाएगा, जिसका व्यय राज्य सरकार वहन करेगी। इसके अलावा मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम की विभिन्न योजनाओं की निरंतरता, भवनों के रखरखाव तथा अन्य अधोसंरचना कार्यों के लिए भी बड़ी राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है।

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