शिवहर , सितंबर 23 -- ्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवहर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ललन कुमार रजक द्वारा कारा मंडल का औचक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद बंदियों के मानवाधिकारों की रक्षा, बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और उन्हें मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता की समीक्षा करना था।
निरीक्षण के क्रम में सचिव, ललन कुमार रजक ने वैसे बंदियों की जानकारी ली जो जमानत के बावजूद जेल में बंद हैं, या जिनकी उम्र 18 साल से कम हैं अर्थात ऐसे नाबालिक बंदियों की पहचान करके उनका वाद चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता सुबोध कुमार के जरिए उनको जेजेबी बोर्ड भेजा जाए ताकि उनको सहायता विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा सकें।
कारागार में पुरुष एवं महिला बैरकों का सघन मुआयना किया तथा पेयजल, बिजली और स्वच्छता से जुड़ी जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मंडल कारा के रसोईघर की जांच की, जहां कैदियों के लिए बन रहे भोजन की शुद्धता, साफ-सफाई की समीक्षा की गई।
सचिव, ललन कुमार रजक ने जेल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया की बंदियों की गुणवत्तापूर्ण एवं स्वच्छ भोजन ही परोसा जाए।
बैरकों में बंद बंदियों को उनके अधिकारों की जानकारी देते हुए, सचिव ललन कुमार रजक ने कहा कि आर्थिक कमी या किसी अन्य लाचारी के कारण कोई भी बंदी न्याय की पहुंच से दूर नहीं रहेंगे।उन्होंने बताया की जिन कैदियों के पास अपने मुकदमों की पैरवी के लिए निजी वकील रखने की क्षमता नहीं हैं, वे जेल प्रशासन या जेल में स्थापित लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवहर को निःशुल्क लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता सहायता के लिये त्वरित आवेदन दे सकते हैं।
इस अवसर पर मंडल कारा, शिवहर के कारागार अधीक्षक, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता सुबोध कुमार तथा सुरक्षा बल उपस्थित थे।
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