नोएडा , अप्रैल 15 -- उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर 36 स्थित साइबर थाना में एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भ्रामक जानकारी फैलाकर कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। इस संबंध में मीडिया सेल द्वारा साइबर थाना को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस द्वारा बुधवार को यह जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि तहरीर के आधार पर गत 14 अप्रैल को दो ट्विटर हैंडल-प्रियंका भारती (@प्रियंगा2भारती) और डॉ. कंचना यादव (@कंचनायादव000) द्वारा किए गए पोस्ट में एक वीडियो साझा किया गया, जिसे भ्रामक रूप से नोएडा की घटना बताया गया। पोस्ट में यह दावा किया गया कि नोएडा में कर्मचारी हड़ताल पर हैं और पुलिस द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है।
जांच में सामने आया कि उक्त वीडियो वास्तव में 11 अप्रैल 2026 का है, जो मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र की घटना है, जहां एक युवक नशे की हालत में हंगामा कर रहा था। इस वीडियो को नोएडा से जोड़कर प्रस्तुत करना पूरी तरह से असत्य और भ्रामक पाया गया।
इन भ्रामक पोस्ट का तत्काल असर यह हुआ कि नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के बीच भय और आक्रोश का माहौल बन गया। इससे न केवल कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई, बल्कि पुलिस की छवि भी धूमिल हुई। स्थिति को सामान्य करने के लिए स्थानीय पुलिस को अतिरिक्त प्रयास करने पड़े।
तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि दोनों ट्वीटकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से झूठी और भड़काऊ जानकारी फैलाकर जनसामान्य में अविश्वास और अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश की। यह कृत्य अफवाह फैलाने, सार्वजनिक शांति भंग करने और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अव्यवस्था उत्पन्न करने की श्रेणी में आता है।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें, ताकि अफवाहों से बचा जा सके।
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