भोपाल , जून 01 -- भोपाल विलीनीकरण (गौरव) दिवस के अवसर पर आज राजधानी भोपाल में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर विलीनीकरण आंदोलन के शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

स्टेट बैंक चौराहा स्थित शहीद गेट पर आयोजित कार्यक्रम में महापौर मालती राय सहित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने झंडा वंदन कर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर नगर निगम के जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।

इसी क्रम में धर्म संस्कृति समिति के तत्वावधान में न्यू मार्केट स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी ने झंडा वंदन किया तथा राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सामूहिक वाचन किया गया।

श्री सबनानी ने भोपाल विलीनीकरण आंदोलन के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हैदराबाद, जूनागढ़ और भोपाल के तत्कालीन शासकों द्वारा भारत में विलय से इनकार किए जाने के बाद भोपाल की जनता ने वैद्य उद्धव दास मेहता के नेतृत्व में लंबे समय तक संघर्ष किया। उन्होंने बताया कि 31 मई 1949 को नवाब द्वारा विलीनीकरण दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद एक जून 1949 को भोपाल में पहली बार तिरंगा फहराया गया था।

कार्यक्रम के दौरान विलीनीकरण आंदोलन से जुड़े सेनानियों के परिजनों का सम्मान भी किया गया। इसमें वैद्य उद्धव दास मेहता के पुत्र वैद्य गोपालदास मेहता, स्वतंत्रता सेनानी लालसिंह के परिवार की प्रतिनिधि हंसा ठाकुर तथा शिवमंगल उपाध्याय के पुत्र डॉ. प्रवीण उपाध्याय को सम्मानित किया गया।

समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि एक जून 1949 को भोपाल का भारत संघ में विलय हुआ था और यह दिवस उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों तथा जननायकों के योगदान को स्मरण करने का अवसर है, जिनके प्रयासों से भोपाल भारत का अभिन्न अंग बना।

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