भोपाल , नवम्बर 16 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नकली नोटों का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है। पुलिस ने विकास यादव नामक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ में खुलासा किया कि वह पिछले एक साल से भोपाल और आसपास के जिलों में नकली नोट खपा रहा था। आरोपी किराना दुकानों, पान की गुमटियों, चाय-नाश्ते के ठेलों और छोटे व्यापारियों के पास जाकर जाली नोट चलाता था। वह एक दिन में तीन से चार नकली नोट से अधिक कभी नहीं चलाता था, ताकि शक न हो।

आरोपी ने भोपाल सहित आसपास के कई क्षेत्रों में जाली नोट चलाने की बात स्वीकार की है। विदिशा, सीहोर और रायसेन जिलों में भी उसने नकली नोट खपाए हैं। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी नोट छापने के लिए बिल्कुल असली जैसा कागज और वाटरमार्क का उपयोग करता था। उसने यह भी स्वीकार किया कि नकली नोटों को और अधिक असली जैसा बनाने के लिए उसने महंगे उपकरण खरीदे थे।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम आरोपी भोपाल के पिपलानी क्षेत्र के शांतिनगर झुग्गी बस्ती के पास एक दुकान पर दोबारा नोट चलाने गया, जहां उसे पहचान लिया गया और पुलिस को सूचना दे दी गई। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर शनिवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

घर की तलाशी में पुलिस को 500 रुपए के कुल 428 नकली नोट मिले, जिनकी कीमत 2 लाख 25 हजार 500 रुपए है। इसके अलावा कम्प्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर और नोट बनाने का पूरा सेटअप बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार बरामद सामग्री से आरोपी 30 लाख रुपए से अधिक के नकली नोट छापने में सक्षम था।

एडिशनल डीसीपी गौतम सोलंकी ने बताया कि आरोपी दुकानों से 20 से 50 रुपए की छोटी-छोटी खरीदारी करता था और इसके बदले में 500 का नकली नोट देता था। नकली नोटों से रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के बाद उसने होटलों में महंगे खाने और मॉल से खरीदारी करना भी शुरू कर दिया था। पुलिस को आशंका है कि आरोपी लगभग 6 लाख रुपए के नकली नोट बाजार में चला चुका है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने नोट छापने का रॉ मटेरियल ऑनलाइन किन स्रोतों से खरीदा और क्या उसके किसी अन्य गिरोह से भी संबंध हैं। आरोपी मूलतः उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और फिलहाल करोंद क्षेत्र में रहता था। भारतीय कानून के अनुसार नकली नोट छापने पर 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है, जबकि नकली नोट बनाने के उपकरण रखने पर भी 7 साल तक की जेल हो सकती है।

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