भोपाल , अगस्त 09 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की सेंट्रल जेल में बंद 35 वर्षीय बंदी की रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने सूखी सेवनिया पुलिस पर गिरफ्तारी के बाद मारपीट करने का आरोप लगाया है। वहीं जेल प्रशासन का कहना है कि बंदी ने सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत की थी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए हमीदिया अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है।

मृतक की पहचान नीरज धाकड़ पुत्र केसर सिंह धाकड़ (35), निवासी देवरी गांव, तहसील गौहरगंज, जिला रायसेन के रूप में हुई है। सूखी सेवनिया थाना प्रभारी अरुण शर्मा के अनुसार नीरज को 07 अगस्त को सीमेंट चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और नियमानुसार कार्रवाई कर उसे भोपाल सेंट्रल जेल भेजा गया था।

नीरज की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। मृतक की पत्नी पूजा का कहना है कि गिरफ्तारी के दौरान नीरज के साथ मारपीट की गई थी और उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई तथा मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

भोपाल सेंट्रल जेल के अधीक्षक मानवेंद्र सिंह परिहार के अनुसार बंदी नीरज ने सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत की थी। उसकी हालत को देखते हुए शनिवार को उसे उपचार के लिए हमीदिया अस्पताल भेजा गया था। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा था, लेकिन रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। जेल प्रशासन के अनुसार बंदी को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।

बंदी की मौत के बाद न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है। जांच में गिरफ्तारी के समय की परिस्थितियों, थाने में हुई कार्रवाई, मेडिकल परीक्षण, जेल में दाखिले और अस्पताल में उपचार की प्रक्रिया की पड़ताल की जाएगी। परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की भी जांच होगी। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम किया है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद स्पष्ट हो सकेगी।

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