धार , दिसंबर 2 -- मध्यप्रदेश में धार जिले के भोजशाला में मां वाग्देवी का चित्र ले जाने से हिंदू समाज को मंगलवार को रोक दिया गया, जिसके बाद पहली बार बिना चित्र के ही नियमित सत्याग्रह किया गया। एएसआई सुरक्षा में तैनात गार्डों ने चित्र को रोक लिया, जिसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग भोजशाला परिसर में एकत्र हुए और एएसआई के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए विरोध जताया। पूजन के बाद प्रतिनिधि मंडल पुलिस चौकी पहुंचा और सीएसपी सूजवाल जग्गा के समक्ष चित्र वापस दिलवाने की मांग रखी।

भोज उत्सव समिति के अध्यक्ष सुरेश जलोदिया ने बताया कि परंपरा के अनुसार चित्र लेकर पूजा के लिए प्रवेश किया जाता है। पहले का चित्र पुराना होने के कारण नया चित्र बनवाने के लिए दिया गया था और उसी प्रक्रिया में दूसरा चित्र पूजा हेतु ले जाया जा रहा था, जिसे एएसआई ने रोक लिया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ है जब बिना तेल चित्र के सत्याग्रह करना पड़ा है। इसे प्रशासन की हठधर्मिता बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सारे नियम केवल हिंदू समाज पर ही लागू किए जाते हैं।

हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने भी आरोप लगाया कि व्यवस्था का पालन करने के बाद भी पूजा की अनुमति नहीं मिलती, जबकि दूसरा पक्ष बिना अनुमति रंग-रोगन सहित अनेक कार्य करता है। इस विरोध के दौरान जमकर नारेबाजी की गई और आने वाले दिनों में आंदोलन की चेतावनी भी दी गई। बसंत पंचमी आगामी 23 जनवरी 2026 को शुक्रवार के दिन पड़ रही है, ऐसे में प्रशासन पहले से ही सतर्क है। इस प्रकार की घटनाएँ प्रशासन और हिंदू समाज के बीच तनाव बढ़ाने वाली मानी जा रही हैं।

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