धार , जुलाई 16 -- मध्यप्रदेश में धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला परिसर से जुड़े मामले में उच्चतम न्यायालय के अंतरिम आदेश की प्रति का इंतजार किया जा रहा है। आदेश की प्रति मिलने के बाद ही शुक्रवार की जुमे की नमाज की व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन अंतिम निर्णय लेगा। इस बीच प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं और करीब 350 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की तैयारी की है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में अंतरिम व्यवस्था के तहत भोजशाला परिसर से लगे खुले स्थान पर शुक्रवार को दोपहर एक बजे से तीन बजे के बीच नमाज की अनुमति संबंधी निर्देश दिए हैं। हालांकि आदेश की प्रति अभी उपलब्ध नहीं होने के कारण जिला प्रशासन कानूनी राय लेने के बाद ही आगे की कार्रवाई करेगा।
प्रशासन ने बताया कि आदेश की प्रति प्राप्त होने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप व्यवस्था तय की जाएगी।
उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई के दौरान एएसआई को न्यायालय की अनुमति के बिना परिसर में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं करने के निर्देश भी दिए हैं। वहीं, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के 15 मई 2026 के उस निर्णय को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सभी पक्षों से जवाब मांगा गया है, जिसमें भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर माना गया था और परिसर में नमाज पर रोक लगाई गई थी।
पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के निर्देशन में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। भोजशाला के आसपास तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया जाएगा तथा टीआई, एसडीओपी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों सहित लगभग 350 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। प्रमुख मार्गों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो जनवरी में बसंत पंचमी के अवसर पर अपनाई गई व्यवस्था की तर्ज पर वैकल्पिक खुले स्थान पर नमाज की व्यवस्था की जा सकती है। उस समय दोनों समुदायों के लिए अलग-अलग मार्ग और व्यवस्थाएं कर शांतिपूर्ण ढंग से आयोजन संपन्न कराया गया था।
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