बैतूल , मई 13 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिला मुख्यालय स्थित हमलापुर के महाविद्यालय अनुसूचित जाति बालक छात्रावास में भोजन व्यवस्था को लेकर उत्पन्न विवाद बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंच गया। छात्रावास से निकाले गए दो छात्रों के समर्थन में विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्रशासनिक हस्तक्षेप से मामला सुलझा लिया गया।
प्रदर्शन कर रहे एमएससी प्राणीशास्त्र के छात्र विवेक सूर्यवंशी तथा एमएससी गणित के छात्र विक्की सूर्यवंशी ने आरोप लगाया कि छात्रावास में छात्रों को पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं कराया जाता। छात्रों के अनुसार मंगलवार रात छात्रावास अधीक्षक कमलेश राक्से ने उन्हें बची हुई रोटियां लेने से रोक दिया और अगले दिन छात्रावास से बाहर कर दिया।
दोनों छात्रों ने बताया कि वे भीमपुर ब्लॉक के ग्राम जमन्या निवासी हैं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से होने के कारण छात्रावास में रहकर अध्ययन कर रहे हैं। घटना के विरोध में अन्य छात्र भी उनके समर्थन में कलेक्ट्रेट पहुंचे और दोनों विद्यार्थियों को पुनः छात्रावास में रखने की मांग की।
सहायक आयुक्त विवेक पांडे तथा ग्रामीण तहसीलदार गोवर्धन पाठे ने छात्रों से चर्चा कर मामले की जांच का आश्वासन दिया। सहायक आयुक्त पांडे ने बताया कि छात्रावास अधीक्षक ने सात मई को शिकायत दर्ज कराई थी कि पांच छात्रों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया था और इसकी सूचना पुलिस हेल्पलाइन 112 पर भी दी गई थी।
उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने खिलाफ कार्रवाई की आशंका थी, जिसके चलते उन्होंने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई। प्रशासनिक अधिकारियों के छात्रावास पहुंचने के बाद दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी गलती स्वीकार की।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, पुलिस में दी गई शिकायत वापस ली जाएगी तथा किसी भी छात्र को छात्रावास से निष्कासित नहीं किया जाएगा। छात्रावास की व्यवस्था सुधारने के लिए छात्रों की एक समिति भी गठित की गई है।
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