जयपुर , मई 28 -- राजस्थान में जयपुर जिले में भैराणा गांव में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के विरोध में आंदोलन कर रहे संत समाज के साथ सांसद हनुमान बेनीवाल के कूद जाने के बाद सरकार के साथ हुई वार्ता सफल रही और सहमति बनने के बाद आंदोलनकारियों का जयपुर कूच स्थगित कर दिया गया। इस आंदोलन में संतों के साथ श्री बेनीवाल के आने के बाद बुधवार उनके नेतृत्व में भैराणा में महापंचायत हुई। बाद में आधी रात को श्री बेनीवाल के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोगों ने जयपुर कूच शुरू कर दिया। पुलिस ने लोगों को रोकने के लिए पुलिस अवरोधक लगाये, लेकिन शुरुआत में भीड़ अवरोधक पार करते हुए आगे बढ़ने लगे। बाद में स्थिति के मद्देनजर पुलिस एवं प्रशासन ने अजमेर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मौखमपुरा के पास पुलिस एवं प्रशासन ने श्री बेनीवाल के साथ फिर वार्ता करने का आग्रह करने पर सड़क पर ही वार्ता हुई और मांगों पर सहमति बन गई। इससे पहले हुई कई दौर की वार्ता विफल रही।

इसके बाद श्री बेनीवाल ने आंदोलनकारियों के बीच में जयपुर कलेक्टर संदेश नायक के साथ बताया कि सरकार ने 800 बीघा जमीन पर रीको का काम स्थगित कर दिया है। साधु-संतों, जनप्रतिनिधियों, आईजी, कलेक्टर और रीकों के अधिकारियों की एक समिति बनाई जायेगी जो सात दिनों में बैठक करेगी। समिति नदी-नाले एवं अब्दुल रहमान निर्णय को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट देगी और रीको के निरस्तीकरण का काम चालू होगा।

इस दौरान पुलिस एवं प्रशासन ने भी वार्ता में बनी सहमति के बारे में आंदोनकारियों को बताया कि सरकार भैराणा में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल एरिया को री-डिजाइन करेगी। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। एक महीने के भीतर कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

उल्लेखनीय है कि भैराणा के पास राज्य सरकार ने करीब एक हजार से ज्यादा बीघा में इंडस्ट्रियल एरिया लगाना तय किया। इसके लिए रीको को जमीन का आवंटन भी कर दिया था। भैराणा धाम का संत समाज और स्थानीय लोग सरकार के इस फैसले का कई दिनों से लगातार विरोध कर रहे हैं।

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