पटना , सितंबर 18 -- बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने शुक्रवार को राज्य में चल रही भू-अर्जन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान रेलवे के कोई स्थानीय अधिकारी के उपस्थित नहीं रहने पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि रेलवे के अधिकारी भू-अर्जन के मामलों को लेकर गंभीर नहीं हैं, जो दुखद है। मंत्री ने भू-अर्जन निदेशक को स्थानीय महाप्रबंधक और रेलवे बोर्ड को इस संबंध में सख्त पत्र भेजने के निर्देश दिये।
मंत्री ने जिलावार एक-एक परियोजना की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को भू-अर्जन की प्रक्रिया में तेजी लाने और अनावश्यक देरी रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नोटिस तामिला के 14 दिन बाद संबंधित पक्ष को रिमाइंडर जरूर भेजा जाए, जिससे कार्रवाई में अनावश्यक विलंब न हो। न्यायालय में विचाराधीन मामलों की प्रत्येक स्थिति से निदेशालय को अवगत कराने और लीगल सेल से उनका अध्ययन कराकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को भी कहा।
डॉ. जायसवाल ने कहा कि भू-अर्जन का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिकारियों की सक्रियता से ही राज्य के विकास की गति तय होती है। इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास का रास्ता तैयार करने की जिम्मेदारी भू-अर्जन अधिकारियों की है। इस प्रक्रिया में लापरवाही सीधे विकास कार्यों को प्रभावित करती है। इसलिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं।
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