भोपाल , अप्रैल 22 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार शाम मुख्यमंत्री निवास में आयोजित प्रेसवार्ता में मंत्रि-परिषद के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के भू-अर्जन पर मुआवजा बढ़ाकर बाजार दर का चार गुना कर दिया है।
उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद की बैठक में 'मध्यप्रदेश भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम 2015' के तहत गुणन कारक (मल्टीफिकेशन फैक्टर) को बढ़ाकर 2.0 कर दिया गया है। इससे अब किसानों को अधिग्रहित भूमि के बदले पूर्व में मिलने वाले दोगुना मुआवजे के स्थान पर चार गुना राशि प्राप्त होगी। यह निर्णय प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा, जबकि नगरीय क्षेत्रों में गुणन कारक यथावत रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें न्यायसंगत मुआवजा देने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंचाई, सड़क, पुल, रेलवे और बांध जैसी आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान अब किसानों को अधिक आर्थिक लाभ मिलेगा, जिससे विकास और किसान हित दोनों को संतुलित किया जा सकेगा।
प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि इस निर्णय के पीछे गहन अध्ययन और व्यापक परामर्श की प्रक्रिया रही है। मंत्री तुलसीराम सिलावट, राकेश सिंह और चेतन्य काश्यप की उप-समिति ने अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन करने के साथ ही विभिन्न किसान संगठनों तथा औद्योगिक संस्थाओं से चर्चा कर अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत की थीं, जिनके आधार पर यह निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता और न्याय के सिद्धांतों पर काम कर रही है और यह निर्णय प्रदेश के हजारों किसान परिवारों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस कदम से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि प्रदेश में विकास परियोजनाओं को भी गति मिलेगी।
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