पटना , जून 18 -- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि राज्य की महत्वपूर्ण सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं में भू-अर्जन से जुड़ी किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी। डॉ. दिलीप जायसवाल ने राज्य में संचालित विकासात्मक परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को और अधिक गति देने के उद्देश्य से विभागीय अधिकारियों के साथ प्रमंडलवार भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा की।
मंत्री ने कहा कि राज्य में वर्तमान में उपरोक्त से संबंधित 349 भू-अर्जन परियोजनाएं संचालित हैं, जिनके लिए 45,748 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है और प्रभावित रैयतों को 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि भुगतान करने को उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि पटना प्रमंडल में 66 परियोजनाओं के लिए 8023 एकड़ भूमि अर्जन के एवज में 9502 करोड़ रुपये, मगध प्रमंडल में 29 परियोजनाओं के लिए 6967 एकड़ भूमि अर्जन के लिए 3534 करोड़ रुपये, मुंगेर प्रमंडल में 35 परियोजनाओं के लिए 3594 एकड़ भूमि अर्जन के लिए 1409 करोड़ रुपये, तिरहुत प्रमंडल में 91 परियोजनाओं के लिए 12540 एकड़ भूमि के अर्जन के लिए 6692 करोड़ रुपये, दरभंगा प्रमंडल की 28 परियोजनाओं के लिए 2440 एकड़ भूमि अर्जन के लिए 1685 करोड़ रुपये, भागलपुर प्रमंडल की 13 परियोजनाओं के लिए 1924 एकड़ भूमि अर्जन के लिए 1049 करोड़ रुपये, कोशी प्रमंडल की 20 परियोजनाओं के लिए 992 एकड़ भूमि अर्जन के लिए 915 करोड़ रुपये, सारण प्रमंडल की 21 परियोजनाओं के लिए 2501 एकड़ भूमि अर्जन के लिए 1782 करोड़ रुपये एवं पूर्णिया प्रमंडल की 46 परियोजनाओं के लिए 6762 भूमि अर्जन के लिए 3517 करोड़ रुपये रैयतों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध निष्पादन अत्यंत आवश्यक है।
डॉ. दिलीप जायसवाल ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने प्रमंडलों में भू-अर्जन कार्यों की मासिक समीक्षा करें और जिन परियोजनाओं में किसी प्रकार की बाधा या विलंब हो, उसका समाधान जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल करें।
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