राजनांदगांव , जुलाई 10 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में कथित भूमि हड़पने के मामले में पिछले 16 वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे किसानों ने पूर्व विधायक छन्नी साहू के नेतृत्व में आंदोलन की चेतावनी दी है। किसानों ने कहा है कि यदि 13 जुलाई को प्रस्तावित सुनवाई में उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे विधानसभा कार्यालय के सामने प्रदर्शन करेंगे।
किसानों का आरोप है कि उनकी कृषि भूमि उधार देने के नाम पर धोखाधड़ी से हड़प ली गई। इस संबंध में 'छत्तीसगढ़ समाज के कमजोर वर्गों के कृषि भूमिधारकों को उधार देने वालों के भूमि हड़पने संबंधी कुचक्रों से परित्राण तथा मुक्ति अधिनियम, 1976' की धारा 5 सहपठित धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
किसानों का दावा है कि तहसीलदार छुरिया और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) डोंगरगांव की जांच रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया था कि भूमि की रजिस्ट्री उनकी इच्छा के विरुद्ध कराई गई तथा उनके ट्रैक्टर भी बलपूर्वक छीन लिए गए थे। इसके बावजूद अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है।
पीड़ित किसानों ने आरोप लगाया कि मामले में पिछले दो वर्ष नौ माह के दौरान 96 पेशियां हो चुकी हैं, लेकिन अनावेदक पक्ष साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर रहा है। उनका यह भी कहना है कि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) डोंगरगांव के हालिया स्थानांतरण से उनकी न्याय मिलने की उम्मीद प्रभावित हुई है।
पूर्व विधायक छन्नी साहू ने कहा कि वह पीड़ित किसानों के साथ हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगी।
किसानों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 13 जुलाई की सुनवाई में कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ तो वे अपने परिजनों के साथ छन्नी साहू के नेतृत्व में विधानसभा कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करेंगे। किसानों ने कहा कि आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने पर इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित