पिथौरागढ़ , मार्च 27 -- उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (अप्रा) गुरमीत सिंह ने शुक्रवार को पंचशूल ब्रिगेड की 12 कुमाऊं में भारतीय सेना द्वारा आयोजित भूतपूर्व सैनिक रैली में प्रतिभाग किया। इस दौरान वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
राज्यपाल ने कार्यक्रम के दौरान जोरावर साइकिल रैली का झंडी दिखाकर समापन किया और प्रतिभागियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने वेटरन्स और वीर नारियों को सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सेना का हर जवान एक स्वाभाविक नेतृत्वकर्ता होता है और उसे समाज के विकास में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने पिथौरागढ़ मिलिट्री स्टेशन को प्रदेश के सैन्य स्टेशनों में उत्कृष्ट बताया।
राज्यपाल ने पिथौरागढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में यह संख्या लाखों तक पहुंच सकती है। उन्होंने आदि कैलाश और ओम पर्वत जैसे धार्मिक स्थलों को क्षेत्र की पहचान बताया।
उन्होंने केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह सीमांत क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। साथ ही हनी, अरोमा और मिलेट्स के क्षेत्र में हो रही प्रगति को स्थानीय आजीविका के लिए उपयोगी बताया।
राज्यपाल ने पूर्व सैनिकों को होम-स्टे संचालन के लिए प्रेरित किया और महिलाओं से स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने वन रैंक वन पेंशन योजना से मिल रहे लाभ के लिए केंद्र सरकार का आभार भी जताया।
इस दौरान उन्होंने स्वर्गीय जनरल बी.सी. जोशी को याद करते हुए एपीएस की स्थापना में उनके योगदान को सराहा। साथ ही जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए उन्हें कुशल प्रशासक बताया।
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने जनपदवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
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