नयी दिल्ली , अक्टूबर 28 -- जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने वैज्ञानिक तरीके से भूजल पुनर्भरण की योजना बनाने और संभावित क्षेत्रों की पहचान करने में मदद के लिए पुनर्भरण मोबाइल एप्लिकेशन शुरू किया है।
जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय जल मिशन के सहयोग से बीआईएसएजी-एन ने यह एप्लिकेशन विकसित किया है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता तीन किलोमीटर तक की दूरी के भीतर संभावित कृत्रिम भूजल पुनर्भरण क्षेत्रों की पहचान कर सकते हैं और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त पुनर्भरण संरचनाओं का पता लगा सकते हैं।
श्री पाटिल के अनुसार इस एप्लिकेशन के माध्यम से बारिश के पानी को जमीन के भीतर पहुंचाकर भूजल स्तर बढ़ाने के लिए संभावित स्थानों की पहचान की जा सकेगी और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार पुनर्भरण संरचनाओं की योजना बनायी जा सकेगी।
इस प्लेटफॉर्म पर वर्षा, भूजल स्तर, भूजल दोहन, ढलान और जल निकासी सहित भू-स्थानिक आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया है। इसका वेब पोर्टल ग्राम स्तर पर कृत्रिम पुनर्भरण संरचनाओं के क्षेत्र निर्धारण संबंधी मानचित्र, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) उपकरण और विषयगत परतें उपलब्ध कराता है, जिससे सतत भूजल प्रबंधन की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन विभाग इस एप्लिकेशन के माध्यम से वैज्ञानिक भूजल पुनर्भरण योजना को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगा।
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