पटना , अप्रैल 28 -- लघु जल संसाधन विभाग के 20 अभियंताओं का प्रशिक्षण सोमवार से रायपुर में प्रारंभ हो गया।
यह प्रशिक्षण 27 अप्रैल से लेकर 01 मई तक चलेगा।बताया जाता है कि छत्तिसगढ़ के रायपुर में राजीव गांधी नेशनल ग्राउंड वाटर ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीच्यूट में भूजल प्रबंधन विषय पर सात दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। इसमें प्रशिक्षण लेने के लिए लघु जल संसाधन विभाग के 20 अभियंताओं को भेजा गया है, जिसमें कार्यपालक अभियंता बक्सर, सुपौल, सहायक अभियंता सारण, किशनगंज, नालंदा, शिवहर, समस्तीपुर, पटना, बेगूसराय, नवादा, कनीय अभियंता खगड़िया, मुगेर सहित अन्य अभियंता शामिल है। एक सप्ताह तक चलने वाले प्रशिक्षण में अभियंताओं को भूजल व्यवस्था की जानकारी, भूजल अन्वेषण के उपकरणों और तरीकों की जानकारी, जलभृत मानचित्रण, एमएआर और डीपीआर तैयार करने के तरीके और भूजल प्रणाली की गणितीय मॉडलिंग की बुनियादी व्यवस्था आदि के बारे में वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के पहले दिन पंजीकरण और प्री-प्रोग्राम मूल्यांकन, उद्घाटन सत्र, हाइड्रोजियोलॉजी - सिद्धांत, प्रक्रियाएं, चुनौतियां और संकट पर चर्चा होगी। उसके बाद हार्ड रॉक और सॉफ्ट रॉक में ग्राउंडवॉटर खोज की विधियां और तकनीक, ग्राउंडवॉटर खोज के लिए जियोफिजिकल तकनीक के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा वॉटर वेल निर्माण, डिजाइन और विकास (सॉफ्ट रॉक पर विशेष जोर), वॉटर वेल निर्माण, डिजाइन और विकास, बिहार की हाइड्रोजियोलॉजी, ग्राउंडवॉटर स्तर और गुणवत्ता और मॉनिटरिंग नेटवर्क और डेटा संग्रह, बिहार राज्य की हाइड्रोजियोलॉजी, वॉटल वेल निर्माण, डिजाइन और विकास (सॉफ्ट रॉक पर विशेष ध्यान), डिजाइन और विकास (प्रैक्टिकल सहित), भूजल अध्ययन में जीआइएस का उपयोग (परिचय), विधियां और संरचना डिजाइन, एमएआर केस स्टडी और डीपीआर बनाना, भूजल संसाधन का आकलन करना, भूजल प्रबंधन की उन्नत तकनीकें और मॉडलिंग का परिचय और बिहार में भूजल प्रबंधन की चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। इस प्रशिक्षण से लघु संसाधन विभाग के अभियंताओं को बिहार में भू-जल प्रबंधन करने में सहूलियत होगी।
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