चंडीगढ़ , अक्टूबर 23 -- हरियाणा सरकार ने उद्योगों, बुनियादी ढांचा और खनन परियोजनाओं के लिए भूजल निष्कर्षण के नियमितीकरण में विलंब शुल्क (लेट फीस) पर 30 नवंबर तक छूट देने का निर्णय लिया है। हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण ने यह फैसला भूजल संरक्षण और प्रबंधन को बढ़ावा देने के साथ संबंधित परियोजना संचालकों को नियमों का पालन करने का अवसर देने के उद्देश्य से लिया है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण अधिनियम, 2020 के तहत गठित प्राधिकरण राज्य में भूजल और सतही जल के उपयोग की निगरानी एवं विनियमन करता है। नियमानुसार, राज्य में औद्योगिक, बुनियादी ढांचा और खनन परियोजनाओं के लिए भूजल का उपयोग करने से पहले प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य है।

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