रायपुर , सितंबर 25 -- विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण परिसंपत्तियों की डिजिटल निगरानी के लिए चलाए जा रहे 'भूग्राम' अभियान में छत्तीसगढ़ ने 99.34 प्रतिशत परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग पूरी कर राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है।

आज मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की 24 सितंबर 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ में निर्मित कुल 11,90,327 परिसंपत्तियों में से 11,82,480 परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग पूरी की जा चुकी है। राज्य का जियो-टैगिंग प्रतिशत 99.34 प्रतिशत है।

रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। देशभर में सृजित कुल 3,23,91,318 परिसंपत्तियों में से 3,01,49,345 परिसंपत्तियों का जियो-टैग पूरा किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर इसकी औसत उपलब्धि 93.08 प्रतिशत है। इसके मुकाबले छत्तीसगढ़ ने 99.34 प्रतिशत जियो-टैगिंग पूरी कर देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में अपनी स्थिति मजबूत की है।

राज्य में जियो-टैगिंग का काम विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा संभाग के दूरस्थ वनांचल एवं पहाड़ी क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण रहा। इन इलाकों में भौगोलिक परिस्थितियों के साथ सीमित और कमजोर नेटवर्क कनेक्टिविटी के कारण कार्य में कठिनाइयां आईं। इसके बावजूद मैदानी कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और तकनीकी अमले के समन्वय से अधिकांश परिसंपत्तियों को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ने का काम पूरा किया गया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित