मुंबई , मार्च 30 -- महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने सोमवार को उन क्षेत्रों के परिवारों से आग्रह किया है जहां पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) का बुनियादी ढांचा पहले से उपलब्ध है कि वे इसके कनेक्शन के लिए आवेदन करें।

श्री भुजबल ने आगाह किया कि यदि उपभोक्ता इस विकल्प को नहीं अपनाते हैं, तो रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद की जा सकती है।

यह अपील पश्चिम एशिया संकट से जुड़ी रसोई गैस की मौजूदा कमी की पृष्ठभूमि में की गई है और दिल्ली में केंद्र सरकार के साथ हाल ही में हुई बैठक के बाद आई है।

श्री भुजबल ने कहा कि घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अगले तीन महीनों के भीतर पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन जमा करने चाहिए। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को इन आवेदनों को संबंधित गैस आपूर्ति कंपनियों को तुरंत भेजने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्देश केवल उन्हीं क्षेत्रों पर लागू होता है जहां पाइप वाली गैस का ढांचा पहले से तैयार है।

उन्होंने उन उपभोक्ताओं को भी सलाह दी जिन्होंने उपलब्धता के बावजूद अभी तक पीएनजी का विकल्प नहीं चुना है, कि वे 30 जून से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। उन्होंने उल्लेख किया कि कनेक्शन प्रदान करने और उसे लागू करने की जिम्मेदारी सेवा प्रदाताओं की होगी। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पाइप वाली गैस सुलभ है, वहां रसोई गैस सिलेंडरों पर निरंतर निर्भरता उचित नहीं है।

भविष्य के नीतिगत उपायों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई जैसे शहरों में नये निर्माणों में पीएनजी की सुविधा शामिल करना अनिवार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव को केंद्र ने स्वीकार कर लिया है और निकट भविष्य में इसे लागू किए जाने की संभावना है।

श्री भुजबल ने यह भी कहा कि राशन कार्ड धारकों को अब एक बार में तीन महीने तक का खाद्यान्न लेने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार के पास पर्याप्त अनाज भंडार उपलब्ध होने का हवाला दिया।

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