चंडीगढ़ , मई 21 -- बढ़ती गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए चंडीगढ़ स्थित महेंद्र चौधरी जूलॉजिकल पार्क (छत्तबीड़ चिड़ियाघर) ने जानवरों को राहत देने के लिए विशेष 'समर डाइट प्लान' लागू किया है।
वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक ने गुरुवार को बताया कि चिड़ियाघर प्रशासन ने जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए कई विशेष इंतजाम किये हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी के असर को कम करने के लिए प्रत्येक भालू को पूरे गर्मी के मौसम के दौरान प्रतिदिन 100 किलोग्राम बर्फ उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अलावा भालुओं, बंदरों और हाथियों को शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए तरबूज खिलाया जा रहा है।
गर्मी के मौसम में शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी को देखते हुए सभी मांसाहारी और सर्वाहारी जानवरों के पीने के पानी में ग्लूकोन-डी मिलाया जा रहा है, ताकि उनमें ऊर्जा बनी रहे और डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके।
चिड़ियाघर प्रशासन ने फल और सब्जियों के मेन्यू में भी बदलाव किया है। केले की जगह पपीता दिया जा रहा है, क्योंकि यह आसानी से पचता है और इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है। शाकाहारी जानवरों और पक्षियों के लिए पत्तागोभी की जगह पालक तथा मूली की जगह खीरा शामिल किया गया है, जिससे शरीर को ठंडक और पर्याप्त हाइड्रेशन मिल सके।
चिड़ियाघर प्रबंधन ने बताया कि यह सभी इंतजाम गर्मियों के लिए तैयार किये गये नियमित प्रोटोकॉल का हिस्सा हैं और पशु चिकित्सकों, देखभाल स्टाफ की निगरानी में लागू किये जा रहे हैं। प्रशासन ने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान सभी जानवरों के स्वास्थ्य, पोषण और आराम का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
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