चंडीगढ़ , मई 22 -- केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की पहचान मानी जाने वाली सुखना लेक इन दिनों भीषण गर्मी की मार झेल रही है और आमतौर पर शहर में घूमने आने वाले लोगों की पहली पसंद रहने वाली सुखना लेक अब सूनी नजर आने लगी है।

सूत्रों के अनुसार लेक का जलस्तर लगातार घट रहा है, जबकि किनारों पर गंदगी और सूखी मिट्टी में पड़ी दरारें हालात बयां कर रही हैं। गर्मी बढ़ने के कारण लोगों की आवाजाही भी पहले के मुकाबले काफी कम हो गयी है। जहां पहले सुबह-शाम पर्यटकों और स्थानीय लोगों की चहल-पहल रहती थी, वहीं अब लेक पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है। नौकायन (बोटिंग) गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं और बहुत कम लोग बोटिंग करते दिखाई दे रहे हैं।

अगर साल 2025 की बात करें, तो उस समय पंजाब और आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने थे। घग्गर नदी का अतिरिक्त पानी कई क्षेत्रों से होकर गुजरता हुआ सुखना लेक तक पहुंचा था। उस दौरान लेक पानी से लबालब नजर आई थी, लेकिन मौजूदा समय में भीषण गर्मी के चलते सुखना लेक का जलस्तर सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है।

प्रशासन की ओर से लोगों को आकर्षित करने के लिए कई कार्यक्रमों की शुरुआत भी की गयी, लेकिन तेज गर्मी के कारण उनका असर सीमित दिखाई दे रहा है। सुखना लेक से जुड़े कार्यक्रमों पर गर्मी का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है।

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