भीलवाड़ा , मार्च 11 -- राजस्थान में वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में शीतला अष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। शहर में शीतला माता की पूजा-अर्चना मंगलवार देर रात से ही प्रारंभ हो गया, वहीं बुधवार को रंगोत्सव धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।
भीलवाड़ा में शीतला अष्टमी की सबसे पहली पूजा पेच के बालाजी मंदिर में गाजे-बाजे के साथ शुरू हुई। पंडित आशुतोष शर्मा ने बताया कि महिलाओं ने समूह में एकत्रित होकर माता की पूजा-अर्चना करके परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। परंपरा के अनुसार, महिलाओं ने माता को ठंडे व्यंजनों (बसौड़ा) का भोग लगाया। पंडित शर्मा ने बताया कि शीतला माता की पूजा मुख्य रूप से घर में सुख-शांति बनाए रखने और बच्चों को मौसमी बीमारियों एवं चेचक जैसी व्याधियों से दूर रखने की मान्यता के साथ की जाती है।
देर रात से ही शहर के विभिन्न मोहल्लों और कॉलोनियों में महिलाएं मंगल गीत गाती हुई शीतला माता के थानक पर पूजा करने पहुंचने लगीं। इस दौरान माता को राबड़ी, ओलिया, पूड़ी-साग और अन्य ठंडे पकवानों का नैवेद्य अर्पित किया गया।
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