भीलवाड़ा , जुलाई 22 -- राजस्थान के भीलवाड़ा में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून ने बुधवार को भीलवाड़ा जिले में जोरदार दस्तक दी।
सुबह से आसमान पर घने काले बादल छाये रहे और कई घंटों तक रुक-रुक कर हुई झमाझम बारिश ने भीषण गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत दिलायी। पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए और मौसम पूरी तरह सुहावना बना रहा। बारिश ने हालांकि राहत के साथ-साथ शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई परेशानियां भी खड़ी कर दीं।
बारिश के कारण भीलवाड़ा शहर के कई मुख्य मार्गों और निचले इलाकों में जलभराव हो गया। सीवरेज लाइन निर्माण कार्य के कारण कई स्थानों पर कीचड़ फैल गया, जिससे दोपहिया वाहन फिसलते नजर आये और कई वाहन कीचड़ में फंस गये।
सबसे अधिक परेशानी रेलवे अंडरब्रिजों पर देखने को मिली। चंद्रशेखर आजाद नगर पुलिया, रामधाम अंडरब्रिज, यातायात थाना अंडरब्रिज और पुलिस लाइन अंडरब्रिज पूरी तरह पानी में डूब गये। पटरी पार क्षेत्र के लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और कई वाहन चालकों ने जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से रास्ता तय किया।
आसींद क्षेत्र में सुबह सात बजे से दोपहर ढाई बजे तक 150 मिमी बारिश दर्ज की गयी। लगातार बारिश से कस्बे और आसपास के गांवों में पान भर गया। नेखाड़ी नदी उफान पर आने से बाजुंदा रोड स्थित पुल करीब एक फुट पानी में डूब गया, जिससे यातायात पूरी तरह बंद हो गया। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने का आग्रह किया है।
बारिश के दौरान आसींद-बोजुंदा मार्ग पर हाथीभाटा और केसरपुर के बीच सड़क पर बने गहरे गड्ढे में करीब 40 छात्र-छात्राओं से भरी निजी स्कूल बस फंस गयी। सूचना मिलते ही ग्रामीण ट्रैक्टर लेकर मौके पर पहुंचे और बस को सुरक्षित बाहर निकाला। समय रहते मदद मिलने से बड़ा हादसा टल गया।
ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क की हालत हर वर्ष बारिश में खराब हो जाती है। करीब दो वर्ष पहले भी इसी मार्ग पर हादसा हो चुका है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। आसींद कस्बे के मुख्य बाजार में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण तीन से चार फुट तक पानी भर गया। कई दुकानों और घरों में पानी घुसने से व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित रहीं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
लगातार बारिश के बाद बदनोर के आसपहाड़ स्थित प्राकृतिक झरने में तेज बहाव शुरू हो गया। झरने का मनमोहक नजारा देखने और फोटो-वीडियो बनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की है।
बागोर क्षेत्र और आसपास के गांवों में हुई अच्छी बारिश से नवलपुरा तालाब में पानी की जबरदस्त आवक शुरू हो गयी। चौदह फुट भराव क्षमता वाले तालाब के भरने के बाद बागोर-लेसवा मार्ग की पुलिया पर चादर चलने लगी। चारों ओर फैले पानी ने प्राकृतिक सौंदर्य को और निखार दिया है। बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे इस नजारे का आनंद लेने पहुंच रहे हैं।
बारिश से खरीफ फसलों के लिए संजीवनी मिलने की उम्मीद जगी है और किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। वहीं दूसरी ओर शहरों में जलभराव, अधूरे निर्माण कार्य, खराब सड़कें और जल निकासी की बदहाल व्यवस्था ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल भी खड़े कर दिये हैं।
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