भीलवाड़ा , मई 20 -- राजस्थान में भीलवाड़ा की सबसे बड़ी यातायात समस्याओं में से एक रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से जल्द ही भीलवाड़ा वासियों को स्थायी मुक्ति मिलेगी।
चित्तौड़गढ़ मार्ग पर रामधाम के पास बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को आखिरकार रेलवे बोर्ड से अंतिम स्वीकृति मिल गयी है।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष (सीआरबी) ने स्वयं लोकसभा सचेतक एवं सांसद दामोदर अग्रवाल को इसकी जानकारी दी। अब इस 116 करोड़ की लागत के बहुप्रतीक्षित परियोजना के धरातल पर उतरने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
श्री अग्रवाल ने बुधवार को बताया कि आरओबी की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और लागत का पूरा आकलन पहले ही तैयार किया जा चुका है। करीब साढ़े सात सौ मीटर लम्बे आरओबी पर 116 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। रेलवे बोर्ड की हरी झंडी मिलने के बाद अब वित्तीय और टेंडर प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है ताकि तय समय पर काम शुरू किया जा सके।
उन्होंने बताया कि अगले छह महीने में इसका निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इस ओवरब्रिज के निर्माण में आधुनिक इंजीनियरिंग का उपयोग किया जाएगा। परंपरागत रूप से रेलवे लाइनों के ऊपर बनने वाले पुलों में लोहे के गार्डर और भारी स्ट्रक्चर का उपयोग किया जाता है, लेकिन रामधाम आरओबी को लोहे की बजाय पूरी तरह से कॉलम बेस (मजबूत पिलर्स) पर बनाया जाएगा। कॉलम बेस होने से पुल की उम्र लंबी होगी और नीचे की तरफ भी ट्रैफिक संचालन के लिए पर्याप्त जगह रहेगी।
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