भीलवाड़ा , जुलाई 14 -- राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने मंगलवार को भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल का औचक निरीक्षण करके वहां की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

महात्मा गांधी अस्पताल पिछले दिनों उस समय पूरे राज्य में सुर्खियों और चर्चा का विषय बन गया था, जब यहां प्रसूति के दौरान सात प्रसूताओं की मौत होने का गंभीर मामला सामने आया था। इस दुखद घटना के बाद से ही अस्पताल की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई और चिकित्सा सेवाओं पर लगातार कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

इसी सिलसिले में भीलवाड़ा पहुंचे श्री खींवसर ने सर्किट हाउस में जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान उनके साथ पूर्व विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, जिला कलेक्टर जसमीत सिंह सिद्धू और महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे।

अस्पताल में हुई प्रसूताओं की मौत के मामले में पत्रकारों से बात करते हुए चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए पहले जयपुर से एक विशेष दल आया था, जिसने गहनता से जांच की है। इसके बाद पूरे राजस्थान के वरिष्ठ विशेषज्ञों के दल ने भी यहां आकर मामले को देखा है। श्री खींवसर ने कहा कि अब वह खुद भीलवाड़ा आकर जिला कलेक्टर और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर एक-एक पहलू की जांच कर रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से कुछ अतिरिक्त जरूरी दस्तावेजों और रिकॉर्ड की मांग की है। इसमें ऑपरेशन थिएटर (ओटी) को कब बंद किया गया और वहां का कल्चर सैंपल कब लिया गया, इसकी पूरी जानकारी मांगी गयी है। उन्होंने हालांकि यह भी जोड़ा कि उस मुख्य ऑपरेशन थिएटर में कोई डिलीवरी नहीं हुई थी, इसलिए उसे बंद कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि आज वह इस मामले के सिलसिले में बांसवाड़ा भी जा रहे हैं और वहां की स्थिति देखने के बाद, इस पूरे है, मामले की जड़ तक पहुंचकर जिला कलेक्टर और पीआरओ के माध्यम से एक विस्तृत एवं सही अंतिम रिपोर्ट जनता के सामने रखेंगे।

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