भीलवाड़ा , सितम्बर 05 -- राजस्थान में नगर निकाय चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भीलवाड़ा में पूरी ताकत झोंक दी है।
भीलवाड़ा में भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यकर्ता बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ टिकट से वंचित दावेदारों और बागियों को भी साफ संदेश दे दिया। उन्होंने कहा कि जिन्हें टिकट नहीं मिला है, उनके लिए भाजपा में 'स्थान' अभी रिक्त है। पार्टी में आगे भी कई अवसर और पद हैं, इसलिए कार्यकर्ता धैर्य रखें और संगठन के लिए समय दें।
श्री शर्मा ने कहा कि जिन प्रत्याशियों को पार्टी ने अधिकृत टिकट दिया है, उन्हें सभी कार्यकर्ताओं को मिलकर चुनाव जिताना है। टिकट नहीं मिलने से निराश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भी पार्टी के लिए काफी समय दिया, परिवार में भी कई बार अपनी जिम्मेदारियों को पीछे रखा और लगातार संगठन के लिए काम किया। इसी मेहनत का परिणाम है कि वर्तमान में वह इस मुकाम तक पहुंचे हैं।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि राजनीति में हर व्यक्ति को एक साथ अवसर नहीं मिल सकता। संगठन में लंबे समय तक काम करने वालों के लिए आगे रास्ते खुलते हैं। उनका इशारा साफ था कि टिकट ही राजनीति का आखिरी पड़ाव नहीं है। पार्टी में संगठन, सरकार और अन्य स्तरों पर आगे भी अवसर मिल सकते हैं।
उन्होंने अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय या बागी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे कार्यकर्ताओं को भी चेताते हुए कहा कि अब भले ही कोई पार्टी के विरोध में खड़ा हो रहा है, लेकिन जब अगली बार वही व्यक्ति पार्टी से टिकट मांगने आएगा तो कार्यकर्ता उसके पुराने बागी रुख को याद रखेंगे। श्री शर्मा ने कहा कि अगर कोई यह सोच रहा है कि उसके बगावत करने से अभी पार्टी को नुकसान होगा, तो वह गलतफहमी में है। नुकसान आगे चलकर उसे खुद उठाना पड़ेगा। पार्टी और कार्यकर्ता ऐसे लोगों को भी देख रहे हैं कि मुश्किल समय में कौन संगठन के साथ खड़ा रहा और कौन विरोध में चला गया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शहर विधायक अशोक कोठारी का भी विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी हर बात मानी और उनके हर काम हुए हैं। मुख्यमंत्री की ओर से कोठारी का नाम लेकर यह बात कहे जाने की चर्चा बैठक के बाद कार्यकर्ताओं के बीच भी होती रही। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री के भाषण में अशोक कोठारी का नाम प्रमुखता से सामने आया, जिसे स्थानीय राजनीतिक हलकों में खास नजर से देखा गया।
बैठक शुरू होने से ठीक पहले भी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शहर विधायक अशोक कोठारी और पूर्व विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी को अपने कमरे में बुलाया। दोनों नेताओं के साथ मुख्यमंत्री की करीब 10 मिनट तक अलग से बातचीत हुई। बंद कमरे में क्या चर्चा हुई, इसका आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन मुलाकात के बाद दोनों नेताओं के बाहर आने पर भाजपा कार्यालय में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गयीं। राजनीतिक गलियारों में इसे नगर निकाय चुनाव से पहले अंदरूनी असंतोष और खींचतान को दूर करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
श्री शर्मा ने उपस्थित पदाधिकारियों से आह्वान किया कि निकाय चुनाव में राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता के बीच में लेकर जायें, जिले की नगर निगम और सभी 10 नगर पालिकाओं में भाजपा जीत का परचम फहराएगी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने और 2023 में राजस्थान में भाजपा सरकार बनने के बाद बनी इस डबल इंजन की सरकार को अब निकाय चुनाव में ट्रिपल इंजन में बदलने की बारी है। इतिहास गवाह है कि कांग्रेस शुरू से ही घोषणाएं करके जनता को गुमराह करती आई है, लेकिन 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं और राजस्थान भी उससे अछूता नहीं है।
भाजपा कार्यालय में आयोजित बैठक को लेकर भी विशेष व्यवस्था रही। बैठक में केवल पार्टी के कार्यकर्ताओं को ही प्रवेश दिया गया। अन्य लोगों को भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गयी। कार्यालय के बाहर और भीतर सुरक्षा के इंतजाम भी किये गये थे।
बैठक में सांसद दामोदर अग्रवाल, जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, भाजपा नेता लालचंद कटारिया सहित पार्टी के विधायक और प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
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