भीलवाड़ा , अगस्त 17 -- राजस्थान में भीलवाड़ा के मंदिरों में गूंजते घंटे और हर-हर महादेव के जयकारों के बीच सोमवार को धार्मिक आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है।

इस बार नाग पंचमी और सावन सोमवार का पावन संयोग होने से शिवभक्तों में विशेष उत्साह है। सुबह से ही शहर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। कहीं भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जा रहा है तो कहीं नाग देवता की पूजा-अर्चना करके परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्यता की कामना की जा रही है।

नाग पंचमी और सावन सोमवार एक साथ होने से शिवालयों में धार्मिक उल्लास चरम पर है। हरनी की पहाड़ियों से लेकर शहर और आसपास के प्राचीन शिव मंदिरों तक सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें नजर आ रही हैं। भक्त हाथों में जल, दूध, बेलपत्र, पुष्प और पूजन सामग्री लेकर मंदिर पहुंच रहे हैं और शिवलिंग पर अभिषेक करके भोलेनाथ का आशीर्वाद मांग रहे हैं।

हरणी महादेव ट्रस्ट के महादेव मंदिर में भी सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। मंदिर परिसर में कथा का आयोजन चल रहा है और श्रद्धालुओं के बीच लगातार हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे हैं। भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आ रहा है।

नाग पंचमी के अवसर पर घरों में भी विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। महिलाएं और श्रद्धालु नाग देवता की प्रतीकात्मक आकृति बनाकर अथवा नाग प्रतिमा का पूजन करके गंध, अक्षत, पुष्प और नैवेद्य अर्पित कर रहे हैं। कई श्रद्धालु शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाने के साथ बेलपत्र एवं पुष्प अर्पित करके भगवान शिव और नाग देवता का स्मरण कर रहे हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा भगवान शिव की आराधना से जुड़ी मानी जाती है। यही वजह है कि सावन सोमवार के साथ नाग पंचमी का संयोग भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है।

सुबह होते ही भीलवाड़ा शहर की गलियों और मोहल्लों के शिवालयों में भक्तों की आवाजाही शुरू हो गई। मंदिरों में घंटियों की ध्वनि के बीच हर-हर महादेव और नाग देवता की जय के जयकारे वातावरण को शिवमय बना रहे हैं। कई मंदिरों में विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना की गई है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और इसी दिन नागपंचमी का पर्व आने से पूजा का उत्साह और भी बढ़ गया है। भक्त इस पावन अवसर को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करने का विशेष दिन मानकर मंदिरों में पहुंच रहे हैं।

तिलस्वां महादेव में भी नाग पंचमी और सावन सोमवार के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां शिवभक्ति के साथ प्रकृति और लोकआस्था का सुंदर संगम देखने को मिल रहा है। दूर-दराज से आए श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करके पूजा-अर्चना में शामिल हुए।

ट्रस्ट के सचिव मांगीलाल धाकड़ ने बताया कि नाग पंचमी और सावन सोमवार के विशेष अवसर पर सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए ट्रस्ट की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं जुटाई गई हैं, ताकि भक्तों को दर्शन और पूजा-अर्चना में किसी तरह की परेशानी नहीं हो।

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