जयपुर , सितंबर 10 -- राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिला के भिवाड़ी में बिना वैध लाइसेंस संचालित दवा गोदाम से जब्त दवाओं के 18 नमूनों में अब तक 16 नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई है जिनमें पांच अवमानक पाये गये हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि इन नमूनों की जांच में दो की रिपोर्ट आनी शेष है। श्रीमती राठौड़ ने बताया कि सूचना के आधार पर की गयी कार्रवाई में लगभग 1500 कार्टन दवाइयां और अन्य सामग्री जब्त की गयी थी। इनकी अनुमानित कीमत करीब चार करोड़ रुपये थी। न्यायालय के आदेशानुसार जब्त सामग्री औषधि नियंत्रण अधिकारी की अभिरक्षा में रखी गयी है ।

उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान विभिन्न निर्माताओं और विपणनकर्ताओं की दवाइयां मिली थीं। इनके गुणवत्ता परीक्षण के लिए 18 नमूने लिए गए। इसके अलावा, परिसर से टेपेंटाडोल, प्रेगाबालिन और कोट्रिमोक्साजोल आदि सक्रिय औषधीय घटक (एपीआई), पैकेजिंग सामग्री, पंचेज एंड डाइज तथा एक्सपायर्ड सिल्डेनाफिल टैबलेट्स भी जब्त की गयी थीं।

उन्होंने बताया कि राजकीय विश्लेषक, दवा परीक्षण प्रयोगशाला जयपुर की जांच में 11 नमूने मानक गुणवत्ता के पाए गए जबकि पांच नमूने अवमानक घोषित किये गये। अवमानक नमूनों में सिप्रोफ्लॉक्सासिन टैबलेट्स बीपी 500 मिलीग्राम, टेपेंटाडोल टैबलेट्स 225 मिलीग्राम, चकापेन एक्स्ट्रा-डाइक्लोफेनाक 50 मिलीग्राम और कैफीन 50 मिलीग्राम के दो बैच तथा मेडिकब-55-डाइक्लोफेनाक सोडियम 50 मिलीग्राम शामिल हैं।

श्रीमती राठौड़ ने बताया कि इन दवाइयों के निर्माता कैंडोर हेल्थकेयर, लालड़ू (पंजाब); ओपल हेल्थकेयर, करनाल (हरियाणा); एलेक्सा फार्मास्यूटिकल्स, बद्दी (हिमाचल प्रदेश) और यूनिशार्प ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, लालड़ू (पंजाब) पाये गये हैं। आयुक्तालय ने संबंधित निर्माताओं के स्तर पर विस्तृत जांच के निर्देश दिये हैं।

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