दुर्ग , जुलाई 10 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में फ्लू डस्ट की आड़ में कथित आयरन स्क्रैप चोरी के मामले में पुलिस ने आज कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए प्लांट के दो वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अधिकारियों में बीएसपी के जीएम हिमांशु भूषण मलिक और एजीएम मनोज कुमार देवांगन शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि दोनों अधिकारी कथित तौर पर प्लांट के भीतर से स्क्रैप चोरी करने वाले गिरोह की सहायता कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने किस प्रकार से सहयोग किया, इसकी जांच अभी जारी है। जांच एजेंसी का यह भी कहना है कि दोनों अधिकारी इस मामले के कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह के लगातार संपर्क में थे।
पुलिस ने आज बताया कि इस प्रकरण में अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है तथा अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। मामला भिलाई-3 थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि बीएसपी से बाहर भेजे जाने वाले फ्लू डस्ट में आयरन स्क्रैप मिलाकर उसे प्लांट से बाहर निकाला जाता था। बाद में यह सामग्री एके ट्रेडर्स में जमा की जाती थी। पुलिस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
उल्लेखनीय है कि 26 मई 2026 को पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित एके ट्रेडर्स तथा हथखोज के प्लॉट नंबर-18 में छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान कई हाईवा, ट्रक तथा अन्य वाहनों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री बरामद की गई थी।
पुलिस ने मौके से करीब 250 टन लौह स्क्रैप जब्त किया था। इसके अलावा स्क्रैप की ढुलाई और लोडिंग में प्रयुक्त कई वाहन, जेसीबी, हाईड्रा तथा अन्य मशीनें भी जब्त की गई थीं। जब्त सामग्री और वाहनों का कुल मूल्य करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपए आंका गया था, जिसमें लगभग 90 लाख रुपए का लौह स्क्रैप शामिल था।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित