दुर्ग , सितंबर 23 -- महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े सौरभ चंद्राकर के रिश्तेदार प्रखर चंद्राकर को भिलाई नगर पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर योगेश सूर्यवंशी पर जानलेवा हमले के मामले में गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने उसके साथ करीब ढाई महीने से फरार सुधांशु उर्फ बॉम्सी को भी गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में दो अन्य आरोपी अमन मूर्ति और हरीश यादव पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

पुलिस से बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार घटना दो जुलाई की रात की है। प्रॉपर्टी डीलर योगेश सूर्यवंशी सेक्टर-6 स्थित पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाने के बाद बाइक से घर लौट रहे थे। डीपीएस चौक के पास पीछे से बाइक पर आए आरोपियों ने उनका पीछा करते हुए बाइक के पहिए में डंडा फंसा दिया, जिससे वह गिर गए।

आरोप है कि इसके बाद हमलावरों ने बेसबॉल के डंडे, चाकू और धारदार हथियार से योगेश पर हमला किया। उनके पैर और गर्दन के पास कई वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

पुलिस जांच में आरोपियों और योगेश के बीच पहले से विवाद और रंजिश होने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने उनका पीछा कर हमला किया था।

योगेश की शिकायत पर भिलाई नगर थाने में बीएनएस की धारा 109(1), 296, 3(5) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान अमन मूर्ति और हरीश यादव को पहले गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि प्रखर चंद्राकर और सुधांशु उर्फ बॉम्सी फरार थे।

पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों की तलाश कर उन्हें गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया है। वारदात में इस्तेमाल धारदार हथियार, डंडा और बाइक भी जब्त की गई है। इसके साथ ही मामले में नामजद चारों आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

दुर्ग पुलिस के अनुसार प्रखर चंद्राकर के खिलाफ पहले से 12 आपराधिक केस दर्ज हैं। करीब नौ महीने पहले रायपुर के तेलीबांधा स्थित एक क्लब में मारपीट के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। उस प्रकरण में प्रखर और उसके साथियों पर एक युवक से मारपीट का आरोप था और घटना का वीडियो भी सामने आया था।

इससे पहले भिलाई के सुपेला थाना क्षेत्र में जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे युवकों के साथ मारपीट की शिकायत के मामले में भी पुलिस ने प्रखर को गिरफ्तार किया था। रायपुर में मारपीट के एक अन्य मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसका जुलूस भी निकाला था।

पुलिस के मुताबिक प्रखर की पिछली गिरफ्तारी के दौरान उसके मोबाइल की जांच में ऑनलाइन गेम, क्रिकेट मैच और ताश समेत अन्य माध्यमों से कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े ट्रांजैक्शन के तथ्य मिले थे। उस समय पुलिस ने करीब 60 लाख रुपए के लेनदेन के सुराग मिलने की बात कही थी।

पुलिस ने उस जांच के दौरान प्रखर और पुलकित चंद्राकर के बीच बातचीत के ऑडियो मिलने की जानकारी भी दी थी। कथित तौर पर किराए पर लिए गए बैंक खातों के माध्यम से सट्टेबाजी की रकम के लेनदेन की भी जांच की गई थी। उस कार्रवाई में कार और मोबाइल फोन जब्त किए गए थे।

डीपीएस चौक पर प्रॉपर्टी डीलर पर हुए हमले के मामले में प्रखर चंद्राकर और सुधांशु उर्फ बॉम्सी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

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