भिण्ड , फरवरी 27 -- मध्य प्रदेश के भिण्ड जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने शहरी एवं दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में वाहनों की अधिकतम स्पीड 60 किमी प्रतिघंटा निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही राजमार्ग और शहर की सड़कों को गिट्टी, रेत एवं अतिक्रमण से मुक्त रखने के आदेश जारी किए गए हैं।

भिण्ड कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने शुक्रवार को यहां कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, नगर पालिका, पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों को समन्वय बनाकर संयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सड़क किनारे डाली गई गिट्टी, निर्माण सामग्री और अवैध पार्किंग को तत्काल हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

कलेक्टर ने निर्देशित किया कि शहरी सीमा में प्रवेश करने वाले मार्गों पर स्पीड लिमिट के बोर्ड प्रमुखता से लगाए जाएं। ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए प्रमुख मार्गों और ब्लैक स्पॉट चिह्नित स्थानों पर पता लगाने वाले कैमरे स्थापित किए जाएंगे। दुर्घटना संभावित स्थानों की सूची तैयार कर वहां रंबल स्ट्रिप, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेतक लगाए जाएंगे।

बैठक में पुलिस विभाग को सघन जांच अभियान चलाकर बिना हेलमेट, बिना लाइसेंस और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर अधिकतम चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। स्कूल-कॉलेजों के आसपास विशेष निगरानी रखने को भी कहा गया है। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए नगर पालिका भिण्ड को प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल शीघ्र स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इंदिरा गांधी चौराहा, लहार चुंगी चौराहा, सुभाष तिराहा और भारौली तिराहा पर सिग्नल लगाने की टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। कलेक्टर ने समयसीमा तय करते हुए जल्द कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा सड़कों के दोनों ओर अतिक्रमण हटाने, पैदल मार्गों को साफ रखने और अव्यवस्थित पार्किंग पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई निरंतर जारी रखने को कहा गया। हाईवे किनारे ढाबों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सामने अनियमित पार्किंग पर भी सख्ती बरती जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि आम नागरिकों की भी भागीदारी आवश्यक है। सभी विभाग जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करें। प्रशासन का दावा है कि इन ठोस कदमों से जिले में सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनेगी।

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